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सहारा कॉम्प्रिहेंसिव स्कूल में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण पर सीबीएसई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

कुरुक्षेत्र, (संजीव कुमारी) 18 जनवरी : सीबीएसई की क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों में ” मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना” विषय पर एक प्रशिक्षण सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों के मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक कल्याण के प्रति जागरूक करना था। इस प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन रिसॉर्स पर्सन सुश्री रूबी दलाल, आदर्श पब्लिक स्कूल के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने विद्यालयी परिवेश में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने हेतु उपयोगी जानकारियाँ, व्यावहारिक सुझाव तथा छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण साझा किए। सत्र के दौरान शिक्षकों की भूमिका पर विशेष बल दिया गया कि वे तनाव, चिंता एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं के प्रारंभिक लक्षणों को पहचान सकें तथा कक्षा में सकारात्मक, सुरक्षित एवं सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण कर सकें। इंटरैक्टिव चर्चा एवं वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से रिसॉर्स पर्सन सुश्री रूबी दलाल ने सहानुभूति, प्रभावी संवाद और भावनात्मक सशक्तता के महत्त्व को स्पष्ट किया। इस अवसर पर अकादमिक निदेशक श्री बी. के. चावला जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। ऐसे प्रशिक्षण सत्र शिक्षकों को न केवल संवेदनशील बनाते हैं बल्कि उन्हें विद्यार्थियों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझने और सहयोगात्मक शैक्षिक वातावरण बनाने में भी सक्षम करते हैं। उन्होंने सीबीएसई के क्षमता निर्माण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल विद्यालयी शिक्षा को अधिक मानवीय और समग्र बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।यह प्रशिक्षण सीबीएसई की क्षमता निर्माण कार्यक्रम की उस सोच के अनुरूप रहा जिसमें विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है। इसी श्रृंखला में प्रधानाचार्या महोदया सुश्री हरप्रीत सहगल ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रशिक्षण सत्र शिक्षकों को विद्यार्थियों की भावनात्मक चुनौतियों को समझने तथा उन्हें सकारात्मक दिशा देने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने इस प्रकार के सीबीएसई क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताते हुए इनके नियमित आयोजन पर बल दिया। यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ जिससे शिक्षकों को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने तथा विद्यालय में एक पोषक एवं संवेदनशील शैक्षिक वातावरण विकसित करने में सहायता मिलेगी।

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