Breaking Newsछत्तीसगढ़जगदलपुर

जिले के पशुधन में खुरपका-मुंहपका रोग के रोकथाम हेतु टीकाकरण महाअभियान का शंखनाद

जगदलपुर, 18 मार्च 2026/ जिले के पशुधन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पशुधन विकास विभाग द्वारा एक व्यापक टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका नियंत्रण कार्यक्रम के सातवें चरण का यह अभियान पूरे जिले में 15 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते 16 मार्च को जिले के सभी सातों विकासखण्डों में खुरहा-चपका टीकाकरण का एक विशेष महाअभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पशुओं को कवर किया जा रहा है।  
यह अभियान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक विषाणु जनित बीमारी है जो संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने या पशु शालाओं की नियमित सफाई न होने के कारण तेजी से फैलती है। यह रोग मुख्य रूप से गाय, भैंस, बकरी और सूअर जैसे खुर वाले चैपाया पशुओं को प्रभावित करता है। इस बीमारी के लक्षणों में पशुओं के मुंह से चिपचिपा लार निकलना, लंगड़ाकर चलना, खुरों और मुंह में छोटे-छोटे छाले पड़ना तथा छालों के फटने से घाव बन जाना शामिल है। इतना ही नहीं इस संक्रमण के कारण दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में कमी आती है और गर्भवती पशुओं में गर्भपात तक की स्थिति बन जाती है। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह रोग गंभीर रूप ले सकता है, जिससे पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है।  
पालतू मवेशियों में इस गंभीर खतरे को देखते हुए जिला कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार जिले भर में कुल 64 टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के साथ-साथ मैत्री, पशु सखी और अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं, जो गांव-गांव और घर-घर जाकर गाय एवं भैंस वंशीय पशुओं का पूर्णतः निःशुल्क टीकाकरण कर रहे हैं। पशु चिकित्सा सेवायें के संयुक्त संचालक डॉ. देवेन्द्र कुमार नेताम ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और टीकाकरण दलों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि जिले के संपूर्ण पशुधन को इस संक्रामक रोग से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel