माँ दुर्गा की पूजा नवरात्रि में सुख समृद्धि हेतु कीजिये : समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
ब्यूरो चीफ – संजीव कुमारी, दूरभाष – 94161 91877
कुरुक्षेत्र 18 मार्च : श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली,कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरू मैत्री संघ हिमाचल के जोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि 19 मार्च 2026 .गुरूवार से नया सम्वत 2083, रौद्र नाम से आरंभ हो रहा है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नया हिंदू वर्ष शुरू हो जाता है। 2083 सम्वत के राजा गुरु व मंत्री मंगल है। नवसंवत्सर के राजा गुरु और मंत्री मंगल होने से वर्षा पर्याप्त हो , जनता की यज्ञ आदि में रूचि बढ़ेगी ,व्यापर में प्रगति होगी ।
शासकों में क्षोभ और राजनैतिक क्षेत्रों में परस्पर क्लेश से संसार को हानि होगी ।
कलश स्थापना का मुहूर्त :
नवरात्रि के दौरान किया जाने वाला पहला और सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान कलश स्थापना के माध्यम से माँ दुर्गा का श्रद्धापूर्वक आह्वान करना। 19 मार्च को शुभ समय प्रातः 6:54 बजे से 8 : 12 बजे तक है। इस समय कलश स्थापना करना शुभ रहेगा। इसके अतिरिक्त अभिजित मुहूर्त में दोपहर 12:05 बजे से 1:05 बजे के बीच भी घटस्थापना की जा सकती है। शुभ चौघड़िया चर ,लाभ और अमृत प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 :31 बजे तक भी अपने समयानुसार श्रद्धा से कर सकते है । नवरात्र के नौ दिनों तक कलश की पूजा की जाती है। दसवें दिन कलश विसर्जन किया जाता है।
समर्थगुरू धाम मुरथल हरियाणा के संस्थापक आदरणीय समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी ने
ट्वीटर के माध्यम से बताया कि समर्थगुरु धारा चैत्र नवरात्र उत्सव को जूम ऑनलाइन के माध्यम से सभी साधक अपनी बुकिंग अनुसार कर सकते है :
19-27 मार्च :
रात्रि 9-10
वीरवार-रात्रि 8-9
रामनवमी 6-7 बजे
शक्ति दरबार,शक्ति के 9 रूपो की सनातन संस्कृति अनुसार कलश स्थापना,पूजा पाठ।
गुरु को धारण कर कुलदेवी का सहयोग लेने की विधि।
प्रतिकूल ग्रह शांत होंगे।
सम्पर्क। 9671400196/9671400193
जानकारी 9812908236




