

सुपरवाइजर व जेई पर संरक्षण देने का आरोप
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : पूर्व बीसी ने अपने कार्यकाल में करोड़ों रुपए की राजस्व चोरी करवाते हुए शहर में बड़े-बड़े अवैध निर्माण के साथ ही अवैध कालोनियां बनवाई। दिखावे के लिए जिन कॉलोनी मालिको से साठगांठ नहीं हुई उन कॉलोनी पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर शासन तक को गुमराह किया गया। प्राधिकरण का कोई भी अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि अर्बन हाट अक्षय बिहार के बराबर संदीप झाबर का होटल, रेलवे कॉलोनी चोपला पर बना रही है कॉलोनी दर्जनों बड़े-बड़े अवैध निर्माण के साथ कई नर्सिंग होम, विद्यालय, मॉल, शॉपिंग कंपलेक्स आदि बनवाए गए हैं विडंबना देखिए बेसमेंट की नियमावली को ताक में रखकर यह सभी निर्माण कराए गए हैं बेसमेंट नियमावली के अनुसार 2 मी जमीन छोड़कर ही बेसमेंट खोदने की परमिशन मिलती है लेकिन जितने भी बेसमेंट बनाए जा रहे हैं उसमें स्वीकृत 50% की दी जाती है लेकिन भवन स्वामी 100% खुदाई करने के साथ ही पड़ोसी की नीव से खुदाई करके बेसमेंट तैयार कर रहे हैं जिसके चलते पिछले दिनों चोपला रोड पर एक विशाल मकान धराशाई होने से बचा और एक और जोक झुक गया। आनन-फानन में प्रशासन ने रात में ही मिट्टी भरवा कर बड़ी जनहानि होने से बचाया यही हाल शहर में खुद रहे बेसमेंटों का है ।
बरेली में विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की कथित मिलीभगत और संरक्षण में कई स्थानों पर अवैध बेसमेंट निर्माण कार्य जारी हैं। निर्माण मानकों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे इन कार्यों से आसपास की इमारतों की नींव कमजोर होने तथा किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यदि समय रहते इन अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में बड़ी जनहानि हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।


