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जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण सुदृढ़ीकरण हेतु 24 से द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण सुदृढ़ीकरण हेतु 24 से द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

जनपद में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को प्रभावी, समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में दिनांक 24 एवं 25 मार्च को प्रातः 11बजे से शाम 4 बजे तक द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है
कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा द्वारा की जाएगी। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तर से प्राप्त निर्देशों तथा जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के क्रम में आयोजित किया जा रहा है। कार्यशाला में जनपद मुख्यालय के अपर एवं सहायक शोध अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से संबंधित विधिक प्रावधानों, प्रक्रियाओं एवं व्यवहारिक पक्षों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
प्रशिक्षण के अंतर्गत जन्म एवं मृत्यु की सूचना देने हेतु उत्तरदायी व्यक्तियों की भूमिका, विभिन्न संस्थानों एवं गैर-संस्थागत स्तर पर होने वाली घटनाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया, मृत्यु के कारणों के चिकित्सीय प्रमाणन से संबंधित प्रावधान, पंजीकरण अभिलेखों में त्रुटि संशोधन की प्रक्रिया तथा प्रमाण पत्र निर्गमन की विधि पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही नागरिक पंजीकरण के महत्व एवं इसके विभिन्न शासकीय योजनाओं में उपयोगिता के विषय में भी जानकारी प्रदान की जाएगी।
उक्त कार्यशाला में जनपद के समस्त ग्राम पंचायत अधिकारी एवं विकास अधिकारी प्रतिभाग करेंगे। प्रत्येक दिवस एक बैच में 45 प्रतिभागियों की उपस्थिति निर्धारित की गई है, इस प्रकार कुल 90 प्रतिभागी इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाएगा, जिससे सभी प्रतिभागियों को विषय की स्पष्ट एवं व्यावहारिक समझ प्राप्त हो सके।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि जन्म एवं मृत्यु का समय से पंजीकरण एक वैधानिक दायित्व होने के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनसंख्या संबंधी आंकड़ों की शुद्धता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए अपने-अपने क्षेत्र में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें।
नोडल अधिकारी (जन्म-मृत्यु पंजीकरण)/डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अविनाश झा ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कार्मिकों की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे पंजीकरण की प्रक्रिया में एकरूपता, शुद्धता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की जाएगी कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्राप्त ज्ञान का प्रभावी अनुपालन करते हुए जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की प्रगति में गुणात्मक सुधार लाएं।

                                  

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