
‘नवीन अवसर’ पहल के तहत विद्यार्थियों में सॉफ्ट स्किल्स और रोजगार क्षमता का किया जा रहा है विकास।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 17 अप्रैल : सांसद नवीन जिन्दल की पहल ‘नवीन अवसर’ कार्यक्रम के अंतर्गत इंस्ट्रको के सहयोग से कुरुक्षेत्र इंटरनेशनल स्किल सेंटर में युवाओं को छात्रवृत्ति के माध्यम से कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके अलावा कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के विभिन्न सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य स्कूली स्तर से ही छात्रों को व्यवहारिक, संवाद एवं रोजगारोन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों में संचालित इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 1000 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें शाहाबाद, पिहोवा, लाडवा, थानेसर, इस्माइलाबाद, खैरी और अन्य क्षेत्रों के स्कूल शामिल हैं।
इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल्स, संवाद कौशल, व्यवहारिक ज्ञान, बायोडाटा निर्माण और इंटरव्यू की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण इंटरैक्टिव बोर्ड और हाइब्रिड मॉडल के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे छात्रों की सहभागिता और समझ दोनों में वृद्धि हो रही है।
सांसद नवीन जिन्दल के कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह पहल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कौशल विकास ही आत्मनिर्भर भारत की कुंजी है। उन्होंने कहा कि सांसद नवीन जिन्दल का मानना है कि यदि छात्रों को प्रारंभिक स्तर पर ही सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिल जाए, तो वे आगे चलकर न केवल रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि रोजगार के अवसर भी उत्पन्न कर सकते हैं।
इंस्ट्रको की टीम और नवीन जिन्दल फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिले। प्रशिक्षकों द्वारा नियमित रूप से स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल और उपयोगी ज्ञान प्रदान किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि ‘नवीन अवसर’ पहल के अंतर्गत यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी इसका लाभ उठा सकें।
सांसद नवीन जिन्दल की यह पहल न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


