
“मलेरिया मुक्त आजमगढ़ का संकल्प—सीएमओ कक्ष में संगोष्ठी व शपथ ग्रहण, ‘अब हम कर सकते हैं और हमें करना ही होगा’”
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आज सीएमओ कक्ष में मलेरिया उन्मूलन विषयक संगोष्ठी एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन. आर. वर्मा ने की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मलेरिया उन्मूलन का संकल्प लिया।
अपने संबोधन में मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि इस वर्ष की थीम “मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध: अब हम कर सकते हैं और हमें करना ही होगा” न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि हमारे सामूहिक दायित्व का भी स्मरण कराती है। उन्होंने बताया कि जनपद आजमगढ़ में पिछले चार वर्षों से मलेरिया का कोई भी इंडीजिनस केस नहीं पाया गया है, जो सभी के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी से अपील की कि इस उपलब्धि को बनाए रखते हुए जनपद को पूर्णतः मलेरिया मुक्त बनाए रखने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि मलेरिया एक रोकथाम योग्य एवं उपचार योग्य बीमारी है, फिर भी यह समाज के लिए चुनौती बनी हुई है। मच्छरों के माध्यम से फैलने वाली यह बीमारी व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करती है।
संगोष्ठी में जानकारी दी गई कि जनपद में मलेरिया नियंत्रण हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं, जिनमें संदिग्ध बुखार के रोगियों की समय पर जांच, दवा वितरण एवं पूर्ण उपचार सुनिश्चित करना, मच्छरों के प्रजनन स्थलों का नियंत्रण एवं लार्वा निरोधक गतिविधियाँ तथा समुदाय में जागरूकता अभियान प्रमुख हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने आशा कार्यकर्ता, एएनएम, स्वास्थ्यकर्मी एवं मलेरिया/फाइलेरिया विभाग के कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ये सभी कर्मी कठिन परिस्थितियों में भी घर-घर जाकर जनजागरूकता फैलाने और रोग नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर मलेरिया से बचाव हेतु आवश्यक उपायों पर भी जोर दिया गया, जिनमें सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग, घर के आसपास जल जमाव न होने देना, बुखार आने पर तत्काल जांच कराना तथा चिकित्सक द्वारा दी गई दवा का पूर्ण सेवन करना शामिल है।
डिप्टी सीएमओ/नोडल वेक्टर बॉर्न, डाॅ. अविनाश झा ने बताया कि जनपद में मलेरिया नियंत्रण हेतु सतत सर्विलांस, फॉगिंग एवं लार्वा नियंत्रण की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।
एडिशनल सीएमओ, डाॅ. अब्दुल अजीज़ एवं डिप्टी सीएमओ, डाॅ. आलेन्द कुमार ने भी मलेरिया उन्मूलन में जनसहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया।
जिला मलेरिया अधिकारी, श्री अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि समय पर जांच एवं पूर्ण उपचार से मलेरिया को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक स्वर में शपथ ली कि वे मलेरिया उन्मूलन के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करेंगे तथा “हम मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं—अब हम कर सकते हैं और हमें करना ही होगा” के संकल्प को साकार करेंगे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन. आर. वर्मा, डिप्टी सीएमओ/नोडल वेक्टर बॉर्न डाॅ. अविनाश झा, एडिशनल सीएमओ डाॅ. अब्दुल अजीज़, डिप्टी सीएमओ डाॅ. आलेन्द्र कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी श्री अनिल श्रीवास्तव, प्रभारी प्रचार-प्रसार श्री मनीष तिवारी सहित सीएमओ एवं मलेरिया विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


