
विद्यालयों ने एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभिभावक- शिक्षक बैठकों का किया आयोजन।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 27 अप्रैल : जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी नामांकन बढ़ाना सभी स्कूल मुखियाओं की स्टाफ सहित सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के 25 ऐसे विद्यालयों की समीक्षा की गई, जिनका नामांकन कम हुआ है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय अपने क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नामांकन वृद्धि एवं विद्यार्थियों के ठहराव को सुनिश्चित करे। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र के केशव सदन में जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक की अध्यक्षता में जिले के सभी विद्यालय प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कार्ययोजना तथा विभागीय प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने सभी विद्यालयों में एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभिभावक- शिक्षक बैठकों का आयोजन अनिवार्य किया। साथ ही निर्देश दिए गए कि इसकी ब्लॉक स्तर पर समेकित रिपोर्ट समयबद्ध रूप प्रस्तुत की जाए। इसके अतिरिक्त आत्मन ऐप पर 100 प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए तथा प्रत्येक विद्यालय से दो नोडल अधिकारियों की नियुक्ति अनिवार्य की गई, जो ऐप पर नियमित डेटा अपलोड एवं निगरानी का कार्य करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने, विद्यार्थियों एवं स्टाफ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर परिणामों के लिए सतत निगरानी एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग आवश्यक है। उन्होंने 1 मई 2026 से राष्ट्रीय जनगणना के कार्य को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने तथा विद्यालय व्यवस्था में समन्वय बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने नवीन शैक्षणिक सत्र में विज्ञान से संबंधित गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, जिला स्तरीय विज्ञान निबंध, विज्ञान क्विज, विज्ञान ड्रामा एवं विज्ञान सेमिनार जैसी गतिविधियों के अंतर्गत 15 जुलाई से 15 अगस्त तक विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएं, ताकि जिला स्तर पर उत्कृष्ट विद्यार्थियों का चयन किया जा सके। उन्होंने कहा कि आईएनएसपीआईआरई एमएएनएके योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही विज्ञान प्रयोगशालाओं (भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं सामान्य विज्ञान) के लिए आवश्यक सामग्री की मांग 27 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से प्रेषित की जाए।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी रामराज कौशिक, रमेश कुमार, नीलम सैनी, जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ तरसेम कौशिक, लक्ष्मी प्रसाद शर्मा, रमेश सांगवान, सुमन सांगवान, डॉ. अशोक शर्मा, आनंद शर्मा, जय प्रकाश, राज कपूर, डॉ. सुदेश जांगड़ा, ऋतु गुप्ता, सुनील कौशिक, अश्वनी कौशिक, माया देवी, डॉ. कृष्ण कुमार, मेहर सिंह, ओम प्रकाश सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।


