
200 वर्ष पुराना पाकड़ का पेड़ 15 मई को गिरा, मकानों पर मंडराया खतरा: लोगों में दहशत
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : शहर के किला थाना क्षेत्र अंतर्गत खन्नू मोहल्ला स्थित हरि ज़ियारत के पास 15 मई को उस समय हड़कंप मच गया था, जब लगभग दो सौ वर्ष पुराना एक विशालकाय पाकड़ का पेड़ ज़मीन छोड़कर पास की रहने वाली नगमा के मकान और विनोद के मकान व कमल जर्नल स्टोर की दीवार पर आज भी टिका हुआ है।पेड़ के इस तरह झुकने से आसपास के रिहायशी मकानों पर भारी खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, हज़रत शहीद मर्द बाबा के मज़ार के बाहर स्थित यह ऐतिहासिक पाकड़ का पेड़ पिछले दिनों आई तेज़ आंधी की वजह से ज़मीन से हिल गया था। अब पेड़ ने पूरी तरह से ज़मीन छोड़ दी और ढहते हुए पास के मकानों की दीवार पर जाकर टिक गया। गनीमत रही कि पेड़ पूरी तरह धराशायी नहीं हुआ, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। रात आई तेज़ आँधी पानी के कारण पेड़ ने और ज़मीन छोड़ दी है और दीदार में भी दरार पड़ गई हैं।
दरगाह मर्द शाह बाबा हरि ज़ियारत के मुतावल्ली सय्यद मुदस्सर अली ने बताया कि पाकड़ का पेड़ आज पूरी तरह ज़मीन छोड़ चुका है और पास के घर की दीवार के सहारे टिका है। इसकी वजह से कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। हमने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए थाना किला और वन विभाग को इसकी लिखित सूचना दे दी है।”
संम्बन्धित विभागों को सूचना के बाद भी लगभग 28 दिनों का समय बीतने के बाद भी अभी तक पेड़ को लेकर कोई कार्य नही हो पाया है।
समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से तत्काल दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और नगर निगम को शहर भर में ऐसे सभी जर्जर और क्षतिग्रस्त पेड़ों का त्वरित सर्वे करवाना चाहिए जो आंधी-तूफान के कारण संवेदनशील हो चुके हैं। समय रहते इन पेड़ों को हटवाया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनधन की हानि को रोका जा सके।
फिलहाल, स्थानीय लोग वन विभाग की टीम के पहुंचने और पेड़ को सुरक्षित हटाने का इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि इलाके के लोगों को इस बड़े खतरे से निजात मिल सके।


