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वृन्दावन, 23 मई : छटीकरा रोड़ स्थित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आश्रम में इन दिनों पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर अष्टदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ चल रहा है।जिसके छठवें दिन व्यासपीठ से प्रख्यात भागवत विदुषी कीर्ति किशोरी ने अपनी सरस वाणी के द्वारा समस्त भक्तों-श्रृद्धालुओं को महारास लीला, मथुरा गमन, कंस वध एवं भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणि विवाह की कथा का रसास्वादन कराया।

भागवत विदुषी कीर्ति किशोरी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा असंख्य ब्रज गोपिकाओं के साथ की गई महारास लीला अत्यंत दिव्य और रसमयी थी।क्योंकि महारास में सम्मिलित ब्रजगोपियां कोई साधारण स्त्रियां नहीं थी।वो पूर्व जन्म के महान तपस्वी ऋषि-मुनि थे। जिन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को अपने पति के रूप में पाने के लिए अनन्त युगों तक कठोर तपस्या की थी।इसीलिए ब्रजगोपियां भी भगवान श्रीकृष्ण के समान ही परम आनंदमयी व चिन्मयी थीं।
श्रद्धेय कीर्ति किशोरी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने महारास असंख्य ब्रजगोपियों के हृदय की अभिलाषा को पूर्ण करने लिए व अभिमानी कामदेव के अभिमान को नष्ट करने के लिए श्रीधाम वृन्दावन के यमुना तट पर शरद पूर्णिमा की रात्रि को किया था। जिसमें उन्होंने अनेकों रूपों में अपनी बांसुरी बजाकर संपूर्ण विश्व को ब्रजमंडल की ओर आकर्षित किया।लीला पुरुषोत्तम भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला के दर्शनों के लिए समस्त देवी-देवताओं के साथ भगवान शिव भी ब्रज गोपी का स्वरूप धारण कर श्रीधाम वृन्दावन पधारे थे।
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणि विवाह की अत्यंत नयनाभिराम व चित्ताकर्षक झांकी सजाई गई।साथ ही विवाह से संबंधित बधाइयों का गायन किया।जिस पर समस्त भक्तों-श्रृद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया।
कार्यक्रम में ठाकुर श्रीराधा रमण लाल जू महाराज के अंगसेवी आचार्य देवांशु गोस्वामी महराज, भागवताचार्य डॉ. हरे कृष्ण शर्मा “शरद”, श्रीकृष्ण कीर्ति पत्रिका के प्रधान संपादक, वरिष्ठ साहित्यकार एवं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. सतेन्द्र कुमार जोशी, महोत्सव के मुख्य आयोजक दीपक लोहिया, श्रीमती नूपुर लोहिया, हरि नारायण अग्रवाल ,अशोक अग्रवाल, प्रहलाद गुप्ता, उमेश बंसल, नीरज मित्तल, शशिकांत दुबे, आर. के. श्रोत्रिय, गणेश अग्रवाल, रवि अग्रवाल, राधारानी अग्रवाल, उर्मिल बंसल, ममता सैनी, गोपिका शर्मा, ओमप्रकाश अग्रवाल, नीरज मित्तल एवं आचार्य बृजेन्द्र तिवारी आदि की उपस्थिति विशेष रही।


