
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : राजेंद्र नगर स्थित बांके बिहारी मंदिर में चल रही” श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस में” वृंदावन धाम से पधारे आचार्य श्याम बिहारी चतुर्वेदी ने कपिल देवहूति प्रसंग सुनाते हुए बताया’ माता देवहूति ने कपिल से पूछा’ मन को बस में कैसे कर सकते हैं’ और बंधन किसका इंद्रियों को वश में कैसे करें’ कपिल भगवान ने बताया मां मन को वश में करने का सबसे सरलतम उपाय है’ व्यक्ति को सुबह उठकर के प्राणायाम करना चाहिए’ प्राणायाम के माध्यम से मन को एकाग्र किया जा सकता है’ नासा के अग्रभाग की तरफ देखते हुए मन में ओम का स्वर करते हुए’ नासा के अग्रभाग पर अपने मन को एकाग्र करेंगे’ जब ऐसा हो जाए’ उसके बाद मन जहां चाहे वहां रुक सकता है’ दूसरा उपाय मन को वश में करने का है’ मानसिक पूजा कलयुग में मानसिक पूजा का विशेष रूप से फलदायी है’ व्यक्ति सुबह पूजा में बैठ जाता है’ माला का जाप करते हुए आंखें बंद करके विचार करता है’ मैं आज श्री गोवर्धन की परिक्रमा जा रहा हूं’ दानघाटी से प्रारंभ करके पूरी परिक्रमा में लगाई ‘ माला का जाप भी पूरा होगा’ परिक्रमा का फल भी उसे प्राप्त होगा’लगन भगवान लगने लगती है’इसी तरह से रोजाना अभ्यास यदि करेंगे’ मन बस में हो जाता है’ इंद्रियों भी बस में हो जाती है ,रही बन्धन की तो मन का ही बंधन होता है, मन से ही व्यक्ति मुक्त हो जाता है, यदि मन से मुक्त होना चाहता है, तो संसार से अलग होकर भगवान में मन को लगावे, तो व्यक्ति मुक्त हो जाता है, और मन से ही संसार में बंद जाता है तो बंधन में फंस जाता है , सरलतम उपाय है मन को वश में करने का मानसिक पूजा ,मानसिक ज्ञान, मानसिक साधना, इस मौके पर भजन गायक जगदीश भाटिया दीपक भाटिया ,राकेश कपूर, विनोद,विवेक कथा श्रवण दूर से पधारे श्रोता समुदाय ने भाग लिया बांके बिहारी मंदिर के समस्त पदाधिकारी भी कथा में मौजूद रहे।


