77.06 करोड़ रुपए के भव्य बाइपास मार्ग और भंवरडीह नदी पर उच्च स्तरीय पुल सहित 14 महत्वपूर्ण कार्यों का लोकार्पण
जलाशयों के जीर्णोद्धार, 5 नवीन उच्च स्तरीय पुलों एवं बड़ेकनेरा उपकेन्द्र सहित 29 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का भूमिपूजन
“हम केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर विकास की लकीर खींचते हैं-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


कोंडागांव, 02 जून 2026/ छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल और सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को सुदूर गांवों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कोण्डागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। जिले में कुल 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपए की लागत वाले 43 बड़े निर्माण व विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी गई है। इनमें क्षेत्र की जनता को तुरंत राहत पहुंचाने वाले 9,630.63 लाख रुपये के 14 महत्वपूर्ण लोकार्पण कार्य तथा दीर्घकालिक कनेक्टिविटी व सिंचाई क्षमता बढ़ाने वाले 5,588.21 लाख रुपये के 29 भूमिपूजन कार्य शामिल हैं। सरकार की नीति ‘अंतिम व्यक्ति तक त्वरित विकास’ को चरितार्थ करते हुए इन विकास कार्यों का विवरण जारी किया गया है। लोक निर्माण विभाग, सेतु संभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्रियान्वयन विभागों के आपसी समन्वय से इन बड़ी योजनाओं का खाका खींचा गया है। बस्तर संभाग के इस विशेष पैकेज में न केवल यातायात को सुगम बनाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग स्तर के बाईपास प्रोजेक्ट शामिल हैं, बल्कि वनांचलों की प्यास बुझाने के लिए वृहद जल प्रदाय योजनाएं और किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जलाशयों के आधुनिकीकरण को भी स्थान दिया गया है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार केवल घोषणाएं करने और कागजों पर फाइलें दौड़ाने में विश्वास नहीं रखती। हम जमीन पर ठोस काम करके विकास की गहरी लकीर खींचते हैं। आज कोण्डागांव के भाई-बहनों को समर्पित 152 करोड़ रुपये के ये 43 कार्य बस्तर संभाग की आर्थिक और सामाजिक तकदीर को बदलने का काम करेंगे। सुदूर गांवों में जब एक पक्की सड़क या उच्च स्तरीय पुल बनता है, तो वह सिर्फ दो किनारों को नहीं जोड़ता, बल्कि वहां के बच्चों के लिए शिक्षा, बीमारों के लिए स्वास्थ्य और युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता खोलता है। चाहे 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला शहर का यह ऐतिहासिक बाइपास हो, वनांचलों की ‘एकल ग्राम जल प्रदाय योजनाएं’ हों, या फिर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली हमारी ‘महतारी सदन’ और ‘दीदी की रसोई’ हो—हमारी हर योजना का केंद्र बिंदु गरीब, आदिवासी, किसान और हमारी माताएं-बहनें हैं। हम सुशासन के संकल्प के साथ बस्तर के हर घर को मुख्यधारा से जोड़कर रहेंगे।
यातायात सुगमता एवं जन स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किए गए 14 महत्वपूर्ण कार्यों के कुल 96.31 करोड़ रुपए में सर्वाधिक महत्वपूर्ण परियोजना लोक निर्माण विभाग की कोण्डागांव बाइपास मार्ग है। इस परियोजना की कुल लंबाई 8.89 किलोमीटर है, जिसे अत्यंत आधुनिक मापदंडों के अनुसार 77 करोड़ 6 लाख 43 हजार रुपये की लागत से पूर्ण किया गया है। इस बाइपास के खुल जाने से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर चलने वाली भारी गाड़ियां शहर के बाहर से ही निकल जाएंगी, जिससे कोण्डागांव नगर वासियों को दैनिक यातायात जाम और दुर्घटनाओं के भय से स्थाई रूप से मुक्ति मिल जाएगी।
इसके अलावा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय लोकार्पण संपन्न हुए जिसमे भंवरडीह नदी पर उच्च स्तरीय पुल लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग कांकेर के अधीन ग्राम कुधुर से तुमड़ीवाल मार्ग पर इस विशाल पुल का निर्माण 717.64 लाख रुपये की लागत से किया गया है, जो मानसून के दौरान दर्जनों गांवों का संपर्क टूटने से बचाएगा।
एकल ग्राम जल प्रदाय योजनाएं
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 5 अलग-अलग गांवों में कुल 695.41 लाख रुपये की लागत से नल-जल योजनाओं का सफल लोकार्पण किया गया, जिससे वनांचल के सैकड़ों परिवारों के घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं महतारी सदन
ग्राम गिरोला में 16.36 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त आयुष आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग द्वारा कुम्हारपारा एवं मर्दापाल में 24.70-24.70 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित ‘महतारी सदनों’ का लोकार्पण किया गया, जो महिला समूहों की गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनेंगे।
भविष्य की अधोसंरचना और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान
अंचल की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 29 नवीन कार्यों कुल मूल्य 55.88 करोड़ रुपए की आधारशिला रखी। इसमें सबसे प्रमुख स्थान जल संसाधन विभाग को दिया गया है, जिसके तहत 1,363.09 लाख रुपये के 4 बड़े सिंचाई और जल संरक्षण कार्यों की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत वि.ख. कोण्डागांव के अंतर्गत कोपाबेड़ा जलाशय का जीर्णोद्धार 334.31 लाख रुपए, कुसमा जलाशय का जीर्णोद्धार 326.28 लाख रुपए, घोड़ागांव एनीकट क्रमांक 2 का मरम्मत कार्य 416.12 लाख रुपए तथा सुकुरपाल मारीपारा के अमेली नाला पर स्टापडेम सह पुलिया निर्माण कार्य 286.38 लाख रुपए शामिल है। ये परियोजनाएं सिंचाई के रकबे को बढ़ाकर किसानों की आय दोगुनी करने में मील का पत्थर साबित होंगी।
कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सेतु संभाग द्वारा 5 नवीन उच्च स्तरीय पुल 3,626.61 लाख रुपए जिसमे माकड़ी-हीरापुर मार्ग पर कलीबेड़ा नाला पुल 791.82 लाख रुपए, माकड़ी-अमरावती मार्ग पर तमरावण्ड नाला पुल 668.45 लाख रुपए, पलना-बंगोली मार्ग पर बारदा नदी पुल 904.29 लाख रुपए, परौदा-कोंनगुड मार्ग पर परौदा नदी पुल 936.44 लाख रुपए तथा आमगांव-रावसवाही ग्रामीण मार्ग पर पथरी नाला पुल 325.61 लाख रुपए का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है।
बड़ेकनेरा में नवीन विद्युत उपकेन्द्र 399.82 लाख रुपए के विद्युत विभाग द्वारा 33/11 के.व्ही. क्षमता वाले इस सबस्टेशन के निर्माण से क्षेत्र के दर्जनों गांवों में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
स्थानीय विकास एवं स्वावलंबन
जनपद पंचायत केशकाल के बोरगांव में 31.75 लाख रुपये की लागत से ‘दीदी की रसोई’ (कैंटीन) भवन का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा जनपद पंचायत बड़ेराजपुर के विभिन्न गांवों में कुल 96.97 लाख रुपये की लागत से 14 छोटे शेड व पुलिया निर्माण कार्यों तथा माकड़ी में 69.97 लाख रुपये की लागत से 4 नवीन प्राथमिक/माध्यमिक शाला भवनों की आधारशिला रखी गई।
बस्तर में सुशासन का नया सवेरा
कोण्डागांव जिले में एक साथ 152.19 करोड़ रुपये के 43 विकास कार्यों का धरातल पर उतरना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार बस्तर संभाग के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पूर्ववर्ती समय में उपेक्षित रही बुनियादी मांगों जैसे पक्की सड़कें, सिंचाई के साधन और बिजली सबस्टेशनों को इस योजना में प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री का यह स्पष्ट वक्तव्य कि “हम केवल घोषणाएं नहीं करते, बल्कि जमीन पर विकास की लकीर खींचते हैं”, शासन की कार्यशैली और पारदर्शिता की प्रामाणिकता को सिद्ध करता है। इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से न केवल कोण्डागांव बल्कि संपूर्ण बस्तर संभाग की आर्थिक, सामाजिक और अधोसंरचनात्मक स्थिति सुदृढ़ होगी, जो आने वाले समय में खुशहाली और प्रगति का एक नया सवेरा लेकर आएगी।


