दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में रखी जा रही विशेष निगरानी
शिविर के माध्यम से गांव-गांव पहुंच रही जागरूकता
दवाईयों और स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही सुनिश्चित


बलरामपुर, 12 जून 2026/ वर्षा ऋतु के आगमन के साथ जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही है।
इसी कड़ी में जिले के सभी विकासखंडों में मितानिनों के माध्यम से जल स्रोतों के शुद्धिकरण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही संवेदनशील एवं दुर्गम ग्रामों में विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 3 हजार कुओं का जल शुद्धिकरण किया जा चुका है तथा शेष जल स्रोतों के शुद्धिकरण का कार्य भी लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं मितानिनों की संयुक्त टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों को स्वच्छ पेयजल एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि बीमारी के किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयां, ओआरएस पैकेट, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक एवं अन्य चिकित्सा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई है।
डॉ. सिंह ने बताया कि मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को मच्छरदानी का उपयोग करने, घर एवं आसपास जलभराव नहीं होने देने की सलाह दी गई है। कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों एवं अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की समझाइश दी जा रही है।
टाइफाइड बुखार को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में दूषित पानी के कारण टायफाइड के मामले बढ़ जाते हैं। तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी, भूख न लगना एवं अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दो से पांच दिनों तक लगातार बुखार रहने पर ब्लड टेस्ट अवश्य कराना चाहिए, जिससे बीमारी की समय रहते पहचान हो सके। उन्होंने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान सामान्य बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश तथा शरीर दर्द जैसी समस्याएं आमतौर पर देखने को मिलती हैं। ऐसे वायरल संक्रमण हवा एवं पानी के माध्यम से फैल सकते हैं और सामान्यतः तीन से सात दिनों तक बने रह सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा खान-पान में सावधानी बरतें।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भोजन करने से पहले हाथ धोने, बासी एवं दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने, उबला अथवा फिल्टर किया हुआ पानी पीने, खाद्य सामग्री को ढंककर रखने ताजे एवं मौसमी फलों को अपने आहार में शामिल करने की अपील की है। बारिश में भीगने से बचने तथा भीगने की स्थिति में तुरंत सूखे कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। साथ ही बाहर के खुले खाद्य पदार्थों एवं स्ट्रीट फूड के सेवन से परहेज करने को कहा गया है।
जिला प्रशासन ने आमजन से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार को मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखने का आग्रह किया है।


