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एसवीएसयू में आयोजित हुआ पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मलेन, लगभग 15 गांवों के सरपंचों, पंचों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और प्रतिनिधियों की भागीदारी।

पलवल,12 जून : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि आसपास के गांवों के प्रत्येक युवा को कौशल से जोड़ने का हमारा संकल्प है। यह अभियान इतना व्यापक होगा कि भविष्य में ऐसे गांव कौशल गांव के रूप के ख्याति प्राप्त करेंगे। कौशल से जुड़ने पर गांव का एक भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार शुक्रवार को विश्वविद्यालय के तक्षशिला भवन में पंचायत विभाग के सहयोग से आयोजित पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में लगभग 15 गांवों के सरपंच, पंच, ग्राम सचिव और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने पंचायत प्रतिनिधियों का विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि इंडस्ट्री के साथ समन्वय से हमने दोहरी शिक्षा प्रणाली का मॉडल तैयार किया है। विद्यार्थियों के पास कौशल सीखने, पढ़ने और कमाने के मौके साथ-साथ हैं। उन्होंने सरपंचों, पंचों और सभी प्रतिनिधियों से कौशल जागरूकता अभियान को गांव दर गांव पहुँचाने का आह्वान किया।
कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने कहा कि भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाने में एसवीएसयू की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने ग्रामीणों से इसमें सहयोग का आह्वान किया। कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रत्येक युवा को कौशल के जरिए रोजगार से जोड़ना है।
ब्लॉक समिति पलवल के चेयरमैन भगत सिंह और दुधौला गांव के सरपंच सुनील कुमार ने कौशल जागरूकता अभियान में सार्थक भूमिका निभाने का संकल्प लिया। पृथला के सरपंच मांगे राम, सहराला के सरपंच संजय कुमार, छपरौला के सरपंच ओमप्रकाश, भीकू नंगला के सरपंच केहर सिंह ने इस अभियान को आगे बढ़ाने और युवाओं को कौशल कार्यक्रमों से जोड़ने में सहयोग का भरोसा दिया।
इरा की उपनिदेशक चंचल भारद्वाज ने इंडस्ट्री के विषय में और डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर कुलवंत सिंह ने विभिन्न प्रोग्राम के विषय में जानकारी दी। डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने विभिन्न कार्यक्रमों के विषय में चर्चा की। उप कुलसचिव डॉ. ललित शर्मा ने ग्रामीणों के साथ कौशल आधारित प्रोग्राम की उपयोगिता पर संवाद किया और कौशल जागरूकता अभियान को व्यापक बनाने में सहयोग की अपील की। वेब एडमिनिस्ट्रेटर प्रवीण कुमार ने दाखिला प्रक्रिया के विषय में विस्तार से जानकारी दी और एडीडी पूजा ने गुरु शिष्य कौशल सम्मान योजना के विषय में ग्रामीणों को जानकारी प्रदान की। विभिन्न गांवों से आए प्रतिनिधियों ने विश्वविद्याल परिसर एवं प्रयोगशालाओं का भ्रमण भी किया। संगीत शिक्षक डॉ. राजकुमार तेवतिया ने कौशल पर आधारित संगीतमय प्रस्तुति से सबको प्रफुल्लित किया। इस अवसर पर दुधौला गांव के मौजिज व्यक्ति गंगा राम शास्त्री, ग्राम सचिव मनोज कुमार, ज्योतिबा फुले ट्रस्ट की ओर से देवीदयाल सैनी, कर्मचारी नेता धर्म सिंह, आंगनवाड़ी वर्कर सुनीता एवं गीता और किसान नेता नन्द किशोर डागर सहित काफी संख्या में पंचायत सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित थे। सीओई के निदेशक डॉ. मनी कंवर सिंह ने सभी का आभार ज्ञापित किया।
सम्मेलन को सम्बोधित करते एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार।
सम्मेलन में उपस्थित सरपंच, पंच, आंगबाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीण।


