
डॉ. ममता सचदेवा ने किया डॉ. नितिन शर्मा की ‘तबला शास्त्र एवं अभिव्यक्ति’ नामक पुस्तक का विमोचन’
थानेसर, संजीव कुमारी 15 जून : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की धर्मपत्नी डॉ. ममता सचदेवा ने सोमवार को संगीत एवं नृत्य विभाग में विभाग के वरिष्ठ तबला अनुदेशक तथा आकाशवाणी के बी-हाई ग्रेड कलाकार डॉ. नितिन शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘तबला शास्त्र एवं अभिव्यक्ति’ का विमोचन करते हुए कहा कि भारतीय संगीत में तबले का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। यह लय, गणना, सौंदर्य, भावाभिव्यक्ति और रचनात्मकता को एक साथ समाहित करता है। सदियों के सांगीतिक विकास, विभिन्न घरानों की परंपराओं, गुरु-शिष्य संबंधों तथा महान कलाकारों की साधना ने तबले को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है। दरबारों, मंदिरों, संगीत सभाओं और आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मंचों तक तबले की गूंज भारतीय सांस्कृतिक विरासत की निरंतरता का प्रमाण है।
डॉ. ममता सचदेवा ने डॉ. नितिन शर्मा को इस पुस्तक के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह पुस्तक निश्चित रूप से भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक तबला वादन की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक परंपराओं, अभिव्यक्ति के विविध आयामों तथा शैक्षणिक पक्षों को समर्पित एक महत्वपूर्ण कृति है। उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा संगीत प्रेमियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
संगीत एवं नृत्य विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. शुचिस्मिता शर्मा तथा प्राच्य संकाय की डीन प्रो. कृष्णा देवी ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि ‘तबला शास्त्र एवं अभिव्यक्ति’ तबला अध्ययन, अध्यापन एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में अपनी पहचान बनाएगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक में विषय को सरल, प्रामाणिक और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे संगीत जगत को विशेष लाभ प्राप्त होगा।
डॉ. नितिन शर्मा ने बताया कि पुस्तक का उद्देश्य तबला कला के शास्त्रीय, तकनीकी एवं अभिव्यक्तिपरक पक्षों को एक मंच पर लाना है, ताकि विद्यार्थी और शोधार्थी विषय की गहन समझ विकसित कर सकें।
इस अवसर पर डॉ. अनिता भटनागर, प्रो. सुनीता दलाल, डॉ. अनीता दुआ, प्रो. सुनीता सिरोहा, डॉ. सलोनी धीमान, डॉ. आशीष सबरवाल, डॉ. मेघा, डॉ. ज्ञान सागर, डॉ. दीपक, श्री अरविंद भट्ट सहित विभाग के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।


