
आजमगढ़ में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन: पूर्व राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने रासायनिक खादों के खिलाफ चेताया, बताया समय की मांग
आजमगढ़। भारतीय जनता पार्टी द्वारा स्थानीय हरिऔध कला भवन में ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला व प्रदर्शनी’ का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला और विशिष्ट अतिथि के रूप में किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री घनश्याम पटेल मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी के ’12 साल विश्वास और विकास के’
कार्यशाला में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ’12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के’ पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून 2026 तक विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज किसानों को जागरूक करने के लिए इस प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
केमिकल मुक्त खेती: समय की सबसे बड़ी मांग
पूर्व राज्यमंत्री ने भूमि में रसायनों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
”यूरिया और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से न केवल हमारी जमीन की उपजाऊ क्षमता खत्म हो रही है, बल्कि हमारा स्वास्थ्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। ऐसे संकट के समय में प्राकृतिक खेती हमारे लिए एक वरदान और समय की सबसे बड़ी मांग बनकर उभरी है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक खेती कोई नई पद्धति नहीं है, बल्कि यह हमारी प्राचीन भारतीय कृषि परंपरा का ही आधुनिक रूप है। इसमें खेत की जुताई कम से कम की जाती है, जिससे पर्यावरण और मिट्टी दोनों सुरक्षित रहते हैं।
प्राकृतिक खेती के मुख्य लाभ और विशेषताएं
शून्य लागत, अधिक मुनाफा: रासायनिक खादों पर खर्च होने वाले हजारों रुपये पूरी तरह बच जाते हैं, क्योंकि प्राकृतिक खाद घर पर ही गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार हो जाती है।
मित्र कीटों का संरक्षण: यह खाद केंचुए और अन्य मित्र कीटों को बढ़ावा देती है, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
बेहतर स्वास्थ्य और सही दाम: रसायनों के अंधाधुंध इस्तेमाल से उत्पादित अनाज और सब्जियों से बीमारियां बढ़ रही हैं। इसके विपरीत, प्राकृतिक रूप से उगाई गई फसलें जहरीले रसायनों से मुक्त और स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होती हैं। बाजार में भी इनकी अच्छी कीमत मिलती है।
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे। उपस्थित प्रमुख लोगों में:
ध्रुव सिंह (जिलाध्यक्ष, आजमगढ़ सदर)
विनोद राजभर (जिलाध्यक्ष, लालगंज)
अखिलेश मिश्रा ‘गुड्डू’
विनोद राय
मंजू सरोज
दुर्ग विजय यादव
राम दर्शन यादव
सीता चौहान
वंदना सिंह
आजाद अनिमर्दन
कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा शामिल रहे।


