


परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया लोकार्पण, एमएलसी विक्रांत सिंह ‘रिशु’ रहे मौजूद
आजमगढ़, संवाददाता। आजमगढ़ के विकास को नई रफ्तार देने के लिए जनपद को आज आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय RTO भवन मिल गया। प्रदेश सरकार की डिजिटल सुशासन की सोच को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को नवनिर्मित आरटीओ भवन का भव्य उद्घाटन किया गया। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर भवन का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में एमएलसी विक्रांत सिंह ‘रिशु’ भी विशेष रूप से मौजूद रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नए भवन को जनपदवासियों को समर्पित किया गया।
एक छत के नीचे सभी सेवाएं
आधुनिक तकनीक और जनसुविधाओं से लैस इस भवन में अब लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, टैक्सेशन सहित सभी परिवहन सेवाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्थित और डिजिटल व्यवस्था से आम लोगों को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सेवाओं के निस्तारण में पारदर्शिता के साथ गति भी आएगी।
‘समयबद्ध सेवा हमारी प्राथमिकता’ – मंत्री
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को बिना परेशानी के समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं मिलें। उन्होंने कहा कि नया आरटीओ भवन आजमगढ़ के विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे पूर्वांचल के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
वृक्षारोपण और स्काउट-गाइड का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। भारत स्काउट एवं गाइड के कैडेट्स को सम्मानित कर उनकी सेवा भावना और अनुशासन की सराहना की गई। उपस्थित लोगों ने इसे जनहित में उठाया गया बड़ा कदम बताया।
अधिकारी-कर्मचारी रहें मौजूद
इस अवसर पर आरटीओ प्रशासन अश्वनी सिंह रजपूत, आरटीओ प्रवर्तन सुनील दत्त यादव, विष्णु दत्त मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन अतुल कुमार यादव, प्राविधिक निरीक्षक प्रमोद कुमार गौतम सहित परिवहन विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि नई सुविधाओं से लैस यह कार्यालय आजमगढ़ को स्मार्ट और डिजिटल परिवहन व्यवस्था की नई पहचान देगा।


