
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : फतेहगंज पश्चिमी , नवनिर्मित सड़क घोटाले एवं सड़क मानक अनुसार ना बनाने की शिकायत मुख्यमंत्री सीएम पोर्टल पर करने के बाद पहुंचे अधिकारियों ने सड़क की करी जांच। जिलाधिकारी को सड़क की भेजेंगे रिपोर्ट। जानकारी के अनुसार कस्बा फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत द्वारा सब्जी मंडी, कुम्हारों वाले चौक तक 28.85 लाख की लागत से बनी सीसी सड़क एक माह में उखड़ने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में शिकायत के बाद आज 24 जून बुधवार को जांच टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सड़क की खुदाई कर मोटाई नापी। शिकायत करता ने आरोप लगाया है कि सड़क की जांच के दौरान केवल खाना पूर्ति की गई। कस्बे के मोहल्ला ठाकुर द्वारा निवासी अंशुल सक्सेना ने 8 जून को जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को बताया था कि मेन रोड से मोहल्ला अंसारी वार्ड 14-15 में अफजल के मकान की ओर तक नगर पंचायत के ठेकेदार द्वारा गई बनाई गई सीसी सड़क एवं नाली महज एक माह में ही उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 28.85 लाख के इस काम में ठेकेदार, अधिशासी अधिकारी और जेई की मिलीभगत से भ्रष्टाचार हुआ। शिकायतकर्ता अंशुल सक्सेना के अनुसार स्टीमेट में पत्थर समेत 10 इंच मोटी सड़क का मानक था, लेकिन ठेकेदार ने केवल 2 से 3 इंच सीसी सड़क डाली। घटिया सीमेंट लगने से सड़क उखड़ गई। मुख्यमंत्री ने अंशुल सक्सेना की शिकायत सुनकर (डीएम) बरेली जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए।
24 जून बुधवार दोपहर को मीरगंज नायब तहसीलदार अरविंद कुमार और लेखपाल आदित्य गंगवार , के साथ नगर पंचायत जेई, अधिशासी अधिकारी जांच को पहुंचे। शिकायतकर्ता ने नगर पंचायत के जेई के जांच में शामिल होने पर आपत्ति जताई। इसके बाद पीडब्लूडी जेई संजय यादव को बुलाकर जांच की गई। शाम तक चली जांच में अलग-अलग जगह रोड की मोटाई 4 इंच से 7 इंच निकली। पीडब्लूडी जेई संजय यादव ने बताया कि सड़क का मानक कहीं पूरा है और कहीं नहीं। पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
जांच के दौरान गड्ढे खोदने पर मुस्लिम समुदाय के लोगों से शिकायतकर्ता की तीखी झड़प भी हुई। अंशुल सक्सेना ने कहा कि वह जांच से संतुष्ट नहीं हैं, उनकी बात नहीं सुनी गई।


