
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
सह संपादक – संजीव कुमारी, दूरभाष – 9416191877
बिना बुलाए सती पहुंची अपने पिता दक्ष के यज्ञ मे : राजेंदर पराशर।
कुरुक्षेत्र 27 जून : श्री स्थाणु सेवा मण्डल के सहयोग से महंत प्रभात पुरी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मे शिव महापुराण कथा के पांचवे दिन पर व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक पंडित राजेंदर पराशर ने आज बताया की जब राजा दक्ष ने शिव विहीन यज्ञ करने का निर्णय लिया और शिव व माता सती को यज्ञ मे नहीं बुलाया गया लेकिन सती फिर भी अपने पिता के यज्ञ मे जाने लगी तब शिव ने कहा हे सती बिना बुलाये कही भी नहीं जाना चाहिए। आवत हिये हर्षिय नहीं, नैन्न नहीं स्नेह, तुलसी वंहा ना जाइये, कंचन बारशे मेह परन्तु सती फिर भी यज्ञ मे गई। वहां उसके पिता ने उसका अपमान किया तेरा यंहा क्या काम तु यंहा बिना बुलाये क्यों आई। सती अपना अपमान सह कर कुछ नहीं बोली परन्तु जब उसने देखा सभी देवताओं के आशन है परन्तु उसके पति शिव का आशन वंहा नहीं था इससे माता सती क्रोधित हो गई।
जब से कथा शुरू हुई तब से संतो का आगमन चल रहा है कथा स्थल हो और संतो का आगमन हो तो सोने पर सुहागा होता है। आज श्री महंत बंशी पुरी महाराज, महामंडलश्वर विधा गिरी महाराज, महंत लक्ष्मीनारायण पुरी महाराज व अन्य संतो ने कथा स्थल पर पहुंच कर भगतो को आशीर्वाद दिया। श्री महंत बंशी पुरी महाराज ने अपने सम्बोधन मे कहा शिवजी के शरण आने पर एक दूसरे के शत्रु भी मित्रवत रहते है जैसे शेर, बैल, सांप, चूहा,मोर,जो की एक दूसरे के शत्रु है परन्तु उनके सानिध्य मे मित्रवत रहते है।
महामंडलेश्वर स्वामी विद्यागिरि महाराज न कहा शिव बाबा बड़े भोले है अगर किसी के पास कुछ भी नहीं है तो केवल उनके पास जा कर “हे बाबा मेरे पास देने के लिए कुछ भी नहीं है मै माँ गंगोत्री से जल ला कर चढ़ा दूंगा ” कह देने से भी बाबा प्रसन्न हो जाते है।
आज के मुख्य अतिथि किसी परिचय की मोहताज नहीं शालिनी शर्मा, राज कुमारी शर्मा, व एडवोकेट आलोक शर्मा रहे। आज का प्रशाद अशोक आश्री परिवार ने दिया। कथा मे सतीश शर्मा, सुनील सचदेवा, रमेश सचदेवा, अनिल पोपली, प्रवीण गुप्ता नानक चंद गल्होत्रा, सोहन लाल सैनी, अशोक आश्री, महिला मानस प्रचार मण्डल सदस्य व महंत प्रभात पुरी स्कूल के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।


