
थानेसर,प्रमोद कौशिक/ संजीव कुमारी 28 जून : महंत प्रभात पुरी कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मे श्री स्थाणु सेवा मण्डल द्वारा जो कथा हो रही है उसका आज छठा दिन है व्यास पीठ पर पंडित राजेंदर पराशर ने आज की कथा मे कहा अपने पति का अपमान होते देख माँ सती हवन कुंड मे कूद पड़ी बाबा ने माँ सती के देह लेकर व्यथा से भरे सारे संसार मे घूमने लगे। भगवान विष्णु जी ने विचार किया ज़ब तक माँ सती का शरीर रहेगा शंकर व्यथित रहेगा इस लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माँ का शरीर 51 खंडो मे काट दिया जँहा जँहा माँ के शरीर का कोई भी अंग गिरा वहां सिद्ध पीठ बैन गई। कुरुक्षेत्र मे माँ का टखना गिरा था इस प्रकार ये माँ भद्रकाली के रूप मे प्रशिद्ध हुआ
महिला मानस प्रचार मंडली ने भजनो द्वारा शिव की महिमा का गुणगान किया। मनुष्य को अपना मन सांसारिक पदार्थो से हटा कर प्रभु चरणों मे लगाना चाहिए। उन्होंने कहा भगवान प्राप्त करने की अभिलाषा श्री महंत बंशीपुरी महाराज, विवेकानंद जैसे संतो की तरह होनी चाहिए जिन्होने ऐसे स्थान पर शिव महापुराण की कथा की शुरुआत करा कर आसपास के क्षेत्र मे रह रहे प्राणियों को भक्ति के रंग मे रंग दिया। उनहोंने कहा शिव महापुराण सुनने से मनुष्य की बुद्धि शुद्ध होती है और आत्म पद प्राप्त करने मे सामर्थ होता है मानव को कलियुग मे कथा, सत्संग, कीर्तन व हरि चर्चा करनी व सुननी चाहिए तभी उसके जीवन का कल्याण संभव है।
आज भी श्री महंत बंशी पुरी महाराज ने अपनी कृपा बनाई रखी जो अन्य महत्माओ के साथ कथा स्थल पर आये अपने सम्बोधन मे श्री महंत बंशीपुरी महाराज ने कहा शिव जैसा भगवान दूसरा कोई नहीं जो शिव को भजता है, शिव का मनन करता है, शिव मे लीन रहता है वह व्यक्ति सभी व्याधियों से मुक्त हो कर कैलाश लोक मे जाता है।
इस अवसर पर महंत सर्वेश्वरी गिरि जी महाराज भी उपस्थित रही।
आज के मुख्य अतिथि सुभाष गुप्ता, अनिकेत गुप्ता, डॉ .के. सी. नागपाल, दर्शन पुरी, दर्शन पाहवा, विनोद अरोड़ा रहे व्यास पीठ ने सभी को पटका पहना कर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया इस अवसर पर सतीश शर्मा रमेश सचदेवा, सुनील सचदेवा, नानक चंद गल्होत्रा, प्रवीण गुप्ता, सोहन लाल सैनी, अशोक आश्री, तिलक राज, सतीश कुमार सैनी, गोपाल कृष्ण शर्मा, दलीप सिंह, सुरेंदर हमबीरिया, आनंद वालिया, योगेश गौड़, उपस्थित रहे।


