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आध्यात्मिक उल्लास एवं स्नेहिल वातावरण में मनाया गया – राजयोगिनी बीके सरोज बहन का अलौकिक जन्मोत्सव।
37 वर्षों की अविरल ईश्वरीय सेवा को समर्पित रहा बीके राजयोगिनी सरोज बहनजी का अलौकिक जन्म दिवस।
कुरुक्षेत्र, 28 जून : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विश्व शांति धाम सेवा केंद्र, कुरुक्षेत्र में राजयोगिनी बीके सरोज बहन का 37वाँ अलौकिक जन्मोत्सव प्रातःकालीन मुरली क्लास के उपरांत श्रद्धा, उमंग और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भाई-बहनों ने पुष्पमालाएँ अर्पित कर, ईश्वरीय सौगात भेंट कर तथा केक काटकर उन्हें जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम की शुरुआत में बीके पुष्पा बहन ने राजयोगिनी बीके सरोज बहनजी के प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि करुणा, दया, सहनशीलता, त्याग, तपस्या, संतुष्टता, विनम्रता एवं सादगी जैसे दिव्य गुणों से संपन्न बीके सरोज बहनजी का जन्म लुधियाना की पावन भूमि पर हुआ। वर्ष 1989 में ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त कर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन प्रभु सेवा और विश्व कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। माउंट आबू से प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने अहमदाबाद, अमृतसर, जम्मू और सहारनपुर में सेवाएँ दीं तथा वर्ष 1993 से पिछले 32 वर्षों से कुरुक्षेत्र सेवा केंद्र को अपनी सेवाओं से गौरवान्वित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन, मर्यादा और निस्वार्थ सेवा का उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमारा परम सौभाग्य है कि ऐसी महान विभूति का हमें मार्गदर्शन और सानिध्य प्राप्त हो रहा है। बीके पूजा बहन एवं प्रियंका बहन ने तिलक, ताज एवं पुष्पमालाओं से बीके सरोज बहन का भावभीना अभिनंदन किया। इस अवसर पर बीके डॉ. प्रवीण महाजन एवं बीके हीरा बहन ने अपने अनुभव साझा करते हुए उनके स्नेह, मार्गदर्शन और वात्सल्यपूर्ण व्यक्तित्व की सराहना की। डॉ. प्रवीण महाजन ने कहा कि ईश्वर से यही प्रार्थना है कि बहन जी दीर्घायु हों और उनका स्नेह एवं पालना हम सभी को निरंतर प्राप्त होती रहे। वहीं बीके हीरा बहन ने कहा कि बहन जी के सान्निध्य ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर हर कठिन परिस्थिति का समाधान दिया है।
इसी क्रम में बीके मुकेश एवं बीके निशा बहन द्वारा आध्यात्मिक क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महिला वर्ग में बीके हीरा बहन की टीम से बीके अंग्रेजो, बीके सोनम एवं बीके गिरजा बहन, जबकि पुरुष वर्ग में बीके संत कुमार भाई के साथ बीके बलवंत, बीके जगदीश एवं बीके राजेश भाई ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रोमांचक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता में बीके हीरा बहन की टीम प्रथम स्थान पर रही, जिस पर सभी भाई-बहनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। बीके भगत राम और रघुवीर भाई ने भी गीत के माध्यम से बहन जी के प्रति अपने मन के उद्गार प्रकट किए।
इसके पश्चात बीके गौरव, पार्थ, कनिष्क, पाहुल एवं राजकुमार ने जोशपूर्ण पंजाबी भंगड़ा प्रस्तुत कर सभी को आनंदित कर दिया तथा पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
सभी भाई-बहनों ने अपने शुभकामना संदेशों में कहा कि बीके सरोज बहन का व्यक्तित्व शांति, आनंद, प्रेम, सौम्यता और आध्यात्मिक गरिमा का अनुपम संगम है। उनका जीवन सेवा, समर्पण और मर्यादा का जीवंत उदाहरण है। यदि हम सभी उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएँ तो अपना जीवन भी श्रेष्ठ और सफल बना सकते हैं। समारोह के अंत में बीके सरोज बहन के जीवन पर आधारित प्रेरणादायी वीडियो का प्रदर्शन किया गया। मधुर आध्यात्मिक गीतों के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ। अंत में राजयोगिनी बीके सरोज बहन ने सभी भाई- बहनों को अपने करकमलों से ईश्वरीय प्रसाद एवं सौगात प्रदान कर स्नेहाशीष दिया।


