
आजमगढ़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ आज़ाद अधिकार सेना ने सोमवार को मोर्चा खोलते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मनरेगा में पारदर्शिता बढ़ाने, श्रमिकों के हितों की रक्षा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि मनरेगा योजना में फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी और गलत भुगतान जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे वास्तविक मजदूरों का हक प्रभावित हो रहा है। संगठन ने मांग की कि फर्जी जॉब कार्डों की जांच कर उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए तथा नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप के माध्यम से फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
ज्ञापन में मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 252 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन, महिला मेट का मानदेय 370 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति कार्य दिवस तथा रोजगार सेवकों का मासिक मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने की भी मांग उठाई गई।
संगठन ने यह भी मांग की कि फर्जी हाजिरी और गलत भुगतान के मामलों में संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और कार्यक्रम अधिकारी की सीधे जवाबदेही तय की जाए, ताकि योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सुनील चौधरी, हरी गोपाल मौर्य, गंगा प्रकाश, लाल बहादुर सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।


