
बरेली। मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर में इन दिनों आस्था और भक्ति की बयार बह रही है। वाराणसी धाम से पधारे ब्रह्मलीन मानस रत्न डॉ. श्रीनाथ मिश्र जी के सुपौत्र व युवा ओजस्वी वक्ता पंडित श्री आशीष मिश्र जी की नौ दिवसीय भव्य श्री राम कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
कथा का शुभारंभ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुशील अरोरा, सचिव रवि छाबड़ा, रमेश खनिजों और अनीता खनिजों द्वारा महाराज जी का माल्यार्पण व विधि-विधान से पूजन कर किया गया।
‘जब लक्ष्मण जी का क्षत्रिय तेज जागा और टूट गया शिव धनुष’
कथा के षष्ठम दिवस पर व्यासपीठ से पंडित आशीष मिश्र जी ने गोस्वामी तुलसीदास जी रचित रामचरितमानस के बालकाण्ड से श्री राम विवाह का अत्यंत रसपूर्ण और मंगलमय प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग केवल एक विवाह का वर्णन नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, प्रेम और ईश्वरीय लीला का अद्भुत उत्सव है।
कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मुख्य प्रसंगों पर प्रकाश डाला:
- राजा जनक की निराशा: स्वयंवर सभा में जब देश-विदेश के बड़े-बड़े राजा और योद्धा भगवान शिव के दिव्य धनुष को हिला तक न सके, तो राजा जनक अत्यंत दुःखी हो गए और कह बैठे कि ऐसा प्रतीत होता है कि पृथ्वी वीरों से खाली हो गई है।
- लक्ष्मण जी का क्रोध: राजा जनक के इन वचनों को सुनकर लक्ष्मण जी का क्षत्रिय तेज जागृत हो उठा। उन्होंने क्रोधपूर्वक कहा कि जहाँ रघुकुल स्वामी श्री राम उपस्थित हों, वहाँ ऐसी बात कहना अनुचित है। गुरु की आज्ञा मिले तो वे सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को गेंद की भाँति उठा सकते हैं।
- धनुष भंग और जय-जयकार: महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्री राम अत्यंत विनम्रता के साथ आगे बढ़े। उन्होंने भगवान शिव का स्मरण कर सहज ही धनुष को उठा लिया। जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाई, धनुष भयंकर गर्जना के साथ दो टुकड़ों में टूट गया। देवताओं ने पुष्पवर्षा की और माता सीता ने भगवान श्री राम के गले में जयमाला डाल दी। इस प्रसंग के दौरान पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
मलिक बंधुओं के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
मंदिर के सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि मुख्य कथा शुरू होने से पहले अखिल भारतीय राधा संकीर्तन मंडल के बरेली के प्रसिद्ध भजन सम्राट मालिक बंधु (श्री योगिस्थर मालिक व सुनील मालिक जी) द्वारा भजनों की अमृत वर्षा की गई। उनके भजनों पर पंडाल में मौजूद सभी भक्तजन भावविभोर होकर झूमने लगे।
कथा की महत्वपूर्ण जानकारी:
मंदिर सचिव ने बताया कि यह नौ दिवसीय श्री राम कथा आगामी 2 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक चलेगी। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी बरेली के रसिक जन महाराज जी की कथा का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।श्रद्धालुओं से सपरिवार शामिल होने की अपील
श्री हरि मंदिर प्रबंध समिति, अखिल भारतीय श्री राधा संकीर्तन मंडल और कृष्णे परिवार ने बरेली के सभी धर्मप्रेमियों से इस दिव्य श्री राम कथा का पुण्य लाभ उठाने के लिए सपरिवार शामिल होने का सादर आमंत्रण दिया है।
छठे दिन की कथा में मुख्य रूप से सुशील अरोरा, रवि छाबड़ा, रमेश खनिजों, अश्वनी ओबेरॉय, संजय आनंद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


