
आजमगढ़: जुलाई शुरू पर नहरें सूखीं, धान की रोपाई ठप; पानी न मिला तो आंदोलन करेंगे किसान
सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने निजामाबाद क्षेत्र में चलाया ‘संपर्क संवाद’, नहरों का किया स्थलीय निरीक्षण
निजामाबाद (आजमगढ़)। 2 जुलाई 2026
धान की रोपाई का मुख्य सीजन शुरू होने के बावजूद नहरों में पानी न आने से क्षेत्र में रोपाई का कार्य बुरी तरह ठप हो गया है। इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसान पूरी तरह नहर के पानी पर निर्भर हैं, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने किसान नेता राजीव यादव के नेतृत्व में गुरुवार को निजामाबाद क्षेत्र में “संपर्क संवाद कार्यक्रम” चलाया।
इस दौरान किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीम ने मंझारी से सोफीपुर, करियाबर, भीरू की पुलिया से टीकापुर, कौड़िया और खरकौली होते हुए गुजरने वाली सभी मुख्य नहरों और उनकी माइनरों (शाखाओं) का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि सभी नहरें पूरी तरह सूखी पड़ी हैं और उनमें बूंद भर पानी नहीं है। कमोबेश यही हाल पूरे जिले की नहरों का बना हुआ है।
20 जुलाई से पहले रोपाई जरूरी, पर विभाग सोया:
किसान नेताओं ने बताया कि अमूमन धान की रोपाई 20 जुलाई से पहले पूरी कर ली जाती है। जुलाई का महीना शुरू हो चुका है और इस समय रोपाई का काम पूरी रफ्तार से चलना चाहिए था, लेकिन नहरों के सूखे होने के कारण किसान बेबस बैठे हैं। पानी के अभाव में धान की पौध (बेहन) भी खेतों में खराब हो रही है।
एक सप्ताह में पानी नहीं तो सड़क पर उतरेंगे किसान: राजीव यादव
”धान की रोपाई के इस सबसे महत्वपूर्ण समय में सरकार और सिंचाई विभाग को तत्काल सभी नहरों में पानी छोड़ना चाहिए, ताकि किसान समय से खेती कर सकें। यदि एक सप्ताह के भीतर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो क्षेत्र का अन्नदाता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।”
— राजीव यादव, महासचिव, सोशलिस्ट किसान सभा
वहीं, पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव ने कहा कि किसानों की इस जायज लड़ाई में संगठन उनके साथ मुस्तैदी से खड़ा है। किसानों की पीड़ा को समझने और उनकी आवाज बुलंद करने के लिए ‘संपर्क संवाद कार्यक्रम’ लगातार जारी रहेगा। सरकार और प्रशासन को किसानों की इस समस्या को बेहद गंभीरता से लेना होगा।

