
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : ‘इबादत भी, इंसानियत भी’ के बुलंद नारे के साथ बरेली हज सेवा समिति द्वारा शुरू की गई पर्यावरण बचाने की अनोखी मुहिम रंग लाने लगी है। समिति की अपील पर अमल करते हुए मुकद्दस सफर पर जाने वाले आज़मीन-ए-हज ने अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में पौधरोपण करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आज हज आवेदकों ने विभिन्न स्थानों पर फलदार और छायादार पौधे रोपकर इस नेक सफर की रूहानी शुरुआत की।
बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक एवं समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने आगामी वर्ष 2027 की हज यात्रा को लेकर आज़मीन से एक विशेष अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मुकद्दस हज यात्रा के लिए आवेदन करने वाले सभी लोग अपने इस मुबारक सफर की शुरुआत एक सकारात्मक और नेक कदम के साथ करें। हर आवेदक आवेदन करने के साथ ही एक पौधा ज़रूर लगाए। पम्मी ख़ाँ वारसी ने कहा, “पेड़ लगाना न केवल पर्यावरण के संरक्षण के लिए ज़रूरी है, बल्कि यह इंसानियत के लिए भी एक बड़ा सदका (पुण्य) है। आज़मीन के हाथों लगा यह पौधा उनकी दुआओं और इबादत में बरकत का जरिया बनेगा।”
फलदार और छायादार पौधों का हुआ रोपण
धरती को हरा-भरा रखने और पर्यावरण को संतुलित बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में आज़मीन ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पौधरोपण के मौके पर आज़मीन-ए-हज मौलाना ज़ैनुलआब्दीन,फहीम अहमद ने कहा कि जिंदगी का सबसे मुबारक सफर हज का होता है, इसलिए वे इस सफर की शुरुआत नेकियों के काम से कर रहे हैं। उन्होंने बरेली हज सेवा समिति की इस पहल को बेहद सराहनीय बताया।
वहीं, इंजीनियर अनीस अहमद ख़ाँ ने जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण की हिफाज़त करना भी हम सबका बुनियादी फ़र्ज़ है और इस फ़र्ज़ को निभाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस नेक और रूहानी मुहिम के दौरान इंजीनियर अनीस अहमद ख़ाँ,पम्मी ख़ाँ वारसी,हाजी साकिब रज़ा ख़ाँ,फ़ाज़िल खान,हाजी उवैस खान,हाजी डॉ. कासिमुद्दीन, हाजी सय्यद अली, असद अहमद उल्लाह वारसी, मोहम्मद ज़ाकिर,मो शाहिद कुरैशी,नईम खान,आसिम कुरैशी और मौलाना हसन रज़ा सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे और सभी ने पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।


