
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : जनपद बरेली के भोजीपुरा ग्रामीण क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों और बागेश्वर धाम के अनन्य भक्तों द्वारा मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम तक एक भव्य एवं ऐतिहासिक पैदल यात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, विश्व कल्याण और सनातन धर्म की एकता के संकल्प के साथ निकाली जा रही है।
पदयात्रा का शुभारंभ भोजीपुरा ग्रामीण क्षेत्र महेशपुर शिव से विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती के बाद होगा। यह यात्रा बरेली, बदायूं, फिरोजाबाद, धौलपुर, झांसी से होते हुए लगभग 650 किलोमीटर की दूरी तय कर मध्य प्रदेश के छतरपुर (बागेश्वर धाम) पहुँचेगी। श्रद्धालुओं का यह जत्था प्रतिदिन 25 से 30 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेगा।
पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में भगवा ध्वज लेकर बाबा बागेश्वर और बालाजी के भजनों पर झूमते हुए चलेंगे।
यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के भोजन, प्राथमिक चिकित्सा और रात्रि विश्राम की उचित व्यवस्था सेवा समितियों द्वारा की गई है।
अर्जी और संकल्प: पैदल चल रहे भक्तों का कहना है कि वे पूज्य गुरुदेव पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दर्शन और बालाजी के चरणों में अपनी विशेष अर्जी लगाने के उद्देश्य से इस कठिन यात्रा पर निकल रहे हैं।
पदयात्रा के मुख्य संयोजक सुप्रसिद्ध कथावाचक ललिता शास्त्री व रोहितानंद ने बताया कि इस यात्रा को लेकर भोजीपुरा के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी उत्साह है। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित होकर धर्मलाभ उठाएं और पदयात्रियों का उत्साहवर्धन करें। साथ ही पैदल यात्रा से जनमानस तक यह संदेश भी पहुंचेगा कि
पैदल चलना पर्यावरण संरक्षण का एक अत्यंत प्रभावी, पारंपरिक और व्यावहारिक माध्यम है जो न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करता है बल्कि समाज में प्रकृति के प्रति गहरी चेतना भी जगाता है। जब लोग वाहनों को छोड़कर पैदल चलते हैं, तो वे सीधे तौर पर ईंधन की खपत घटाकर धरती को प्रदूषण मुक्त बनाने में योगदान देते हैं।


