
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : मा0 पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में आज पशुपालन विभाग की मण्डल स्तरीय समीक्षा बैठक विकास भवन स्थित सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में मा0 मंत्री जी ने मण्डल के समस्त जनपदों से पशुपालन विभाग के कार्यों की जानकारी ली। जिस पर मुख्य विकास अधिकारी बरेली ने बताया कि वृहद गौशालाओं में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया है तथा विकास भवन में सीसीटीवी कन्ट्रोल रुम बनाया जा रहा है, जहां से समस्त गौशालाओं की निगरानी होगी। गौशालाओं को जाने वाले रास्तों को लेकर जहां समस्या थी उन्हें बनवाने हेतु प्रस्ताव कार्य योजना में ले लिया गया है। वृहद बकरी मेले का आयोजन भी जल्द ही कराया जाएगा, जिससे किसानों की आमदनी बढ़े। मुख्य विकास अधिकारी बदायूं ने बताया कि गौआश्रय स्थलों में जहां अतिरिक्त शेड लगवाया जा सकता है, स्थान उपलब्ध है जहां शेड बनवाया जा रहा है और बाउन्ड्रीवाल के निर्माण हेतु प्रस्ताव लिए गए हैं। 136 हेक्टेयर पर हरा चारा बोया गया है तथा सोलर लाइट की भी व्यवस्था करायी जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी पीलीभीत ने बताया कि 53 हेक्टेयर में हरा चारा बोया गया है तथा बेनीपुर गौशाला के बारे में जानकारी दी जहां गोबर से पंचगव्य बनाकर उसकी बिक्री की जा रही है। मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों ने अपने-अपने जनपद की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद शाहजहांपुर में 145 गौशालाएं हैं तथा 52 हेक्टेयर में हरा चारा बोया गया है। पीलीभीत में 66 गौशालाएं हैं, जिसमें से 8259 गौवंश संरक्षित हैं। बदायूं में 223 गौशालाएं है, जिससे से 36886 गौवंश संरक्षित हैं तथा 04 गौशालाएं निर्माणाधीन है। जनपद बरेली में 106 गौशालाएं हैं, जिसमें से 16361 गौवंश संरक्षित हैं।
बैठक में मा0 मंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 7500 गौशालाओं में 13 लाख से अधिक गौवंश संरक्षित हैं। आवश्यकता है कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर गौशाला बनाया जाए और गाय के गोबर से कण्डे, दीपक आदि बनाने के कार्य में स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने 06 विभागों की एक कमेटी बना दी है जो संयुक्त रुप से गौसंरक्षण की दिशा में कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रचलन है जब तक गौवंश दूध देता है तब तक उसे रखते हैं जब दूध देने की स्थिति में नहीं होता है तो उसे छोड़ देते है, ऐसे लोगों को खिलाफ कार्यवाही की जाए, जिससे लोगों में भय रहे और वो पशुओं को छोड़े नहीं।
बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करने के भी निर्देश दिए गए क्योंकि यह भूमि के स्वास्थ्य को खराब कर रही है, जिससे पैदावार प्रभावित होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र पंचायत की बैठकों में जाएं और लोगों को बताएं कि खेती और पशुपालन एक दूसरे के पूरक है तथा वन ट्रिलियन इकोनॉमी अकेले कृषि से नहीं हो सकती है उसके लिए पशुपालन को भी अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस समय संक्रामक रोग भी फैल रहे हैं इसलिए एफ0एम0डी0 के टीके पशुओं को अवश्य लगवाए जाएं तथा बरसात का मौसम है इस कारण गौवंश सूखे की ओर जाते हैं इस लिए किसी गौशाला में जलभराव हो तो उसे सही करा लें। उन्होंने कहा कि जो भी गौशालाएं बाढ़ प्रभावित होती हैं उनमें वीबी जी राम जी के माध्यम से चबूतरा अवश्य बनवाएं, जिससे गाय सूखे में रहे तथा हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था हो और गोचर भूमि जहां-जहां कब्जा मुक्त करायी गयी है वहां हरा चारा बोया जाए।
बैठक में मा0 मंत्री जी ने कहा कि बरसात का मौसम है निराश्रित गौवंश किसानों के खेतों में ना जाए इसके लिए वृहद गौशालाएं बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान की आय दोगुनी करने में खेती और पशु बहुत उपयोगी है तथा देशी नस्ल की गाय का दूध अमृत है और नस्ल सुधार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साहिवाल, गंगातीरी, गायों के सीमन फ्री में किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, इसके अतिरिक्त ऐसा सीमन जिससे सिर्फ बछिया का ही जन्म हो उसकी कीमत 300 रुपए से घटाकर 100 रुपए कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि पहले भरण-पोषण के 30 रुपए थे, जिसे बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही अन्य योजनाएं भी संचालित हैं, जिसके अन्तर्गत यदि कोई किसान दूसरे प्रदेश से दो गाय खरीदेगा तो 40 हजार रुपए का अनुदान है। उन्होंने बरेली की भांति अन्य जनपदों में भी बकरी मेला लगवाए जाने तथा सुअर पालन, मुर्गी पालन को भी बढ़वा दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 2017 से पूर्व 01 करोड़ अण्डा उत्पादन होता था अब 04 करोड़ अण्डा उत्पादन होता है। उन्होंने कहा यदि कहीं बड़ी गौशालाओं की आवश्कता है तो प्रस्ताव भेजे, 01 करोड़ 60 लाख रुपए की गौशाला स्वीकृति कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि पशु चिकित्सकों का प्रशिक्षण कराएं, जिससे कृषकों को गोवंशों के गर्भाधान कराने में कोई समस्या ना हो साथ ही बधियाकरण का भी कार्य करें।
बैठक में मा0 मंत्री जी ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि गौशालाओं की बाउंड्रीवाल बनाने में सहयोग करें तथा गौशालाओं में जन्मदिन आदि मनाने का भी प्रचलन आरंभ किया जाए एवं जनप्रतिनिधि भी इस कार्य में पहल करें। गौ संरक्षण की दिशा में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए।
मा0 महापौर ने बताया कि नगर निगम की गौशालाओं में खाद बनायी जा रही है जो ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही है। इंडियन ऑयल के साथ मिलकर सीबीजी प्लांट लगाए जाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है तथा 600 क्षमता की नंदी गौशाला लगभग तैयार है अगले माह में यह आरम्भ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हर गौशाला के पास नंदी गौशाला भी बनाई जाएं, जिससे उनका भी संरक्षण हो सकें।
मा0 विधान परिषद सदस्य ने कहा कि ऐसे सिमन का उपयोग किया जाए कि बछिया का जन्म हो और बछडों को छोड़ा जाए तो बधियाकरण कराकर छोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि साहीवाल गाय का गर्भाधान कराना भी आसान कार्य नहीं है इसके लिए आईवीआरआई जाना पड़ता है जो हर कृषक के बस का नहीं है। गौशालाओं में छायादार वृक्ष भी लगाए जाए।
मा0 विधायक बिथरी चैनपुर ने कहा कि रामगंगा किनारे बहुत सी जमीन विवादित है जहां मात्र तीन महीने पानी भरता है बाकी समय खाली रहता हैं वहां चारा उगाया जाए और गौशाला भी उसके निकट स्थापित कराए, जिससे पशुओं का पालन हो सके।
मा0 विधायक नवाबगंज ने कहा कि नेपियर घास का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है, ग्राम समाज की खाली भूमि का इस कार्य में उपयोग करें तथा गोबर एकत्र कर उसकी खाद बनाकर उसकी बिक्री जाए, जिससे गौशालाओं की आमदनी का स्त्रोत बनेगा और गोबर गैस प्लांट भी लगाए जाएं।
मा0 विधायक कैण्ट ने कहा कि गौशालाओं को सुरक्षित रखने हेतु बाउंड्रीवाल, सोलर लाइट आदि की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है और मा0 जनप्रतिनिधि गण यह कार्य करा सकते हैं।
मण्डलायुक्त ने बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि बैठक में जो भी निर्देश दिए गए है उनका पालन सुनिश्चित किया जाएगा। चारे की उपब्धता, बरसात के मौसम में जलभराव से बचाव, आत्मनिर्भर गौशाला बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा तथा लोगों को कृषि और पशुपालन को एक साथ अपनाने हेतु भी प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में मा0 महापौर डॉ0 उमेश गौतम, मा0 विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, मा0 विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, मा0 विधायक नवाबगंज डॉ0 एमपी आर्य, मा0 विधायक बिथरी चैनपुर डॉ0 राघवेन्द्र शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष आंवला आदेश प्रताप सिंह, अधिकारियों में मण्डलायुक्त शंभू कुमार, मुख्य विकास अधिकारी बरेली/पीलीभीत/बदायूं, पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक, अपर निदेशक पशुपालन, चारों जनपद के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, डीसी मनरेगा सहित मण्डल के समस्त सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।


