गुरुकुल कुरुक्षेत्र में भव्य ‘वेद प्रचार संगोष्ठी’ संपन्न

गुरुकुल कुरुक्षेत्र में भव्य ‘वेद प्रचार संगोष्ठी’ संपन्न

आर्य समाज ने हमेशा लोक कल्याण का कार्य किया : आचार्य देवव्रत।

​कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 17 अगस्त : गुरुकुल कुरुक्षेत्र के पावन परिसर में सोमवार को एक भव्य एवं गरिमामय ‘वेद प्रचार संगोष्ठी’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गुजरात के राज्यपाल, आचार्य देवव्रत ने की। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य वेदों के ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना, महर्षि दयानन्द सरस्वती के सिद्धांतों की वर्तमान प्रासंगिकता को दर्शाना तथा प्राकृतिक कृषि के महत्व से समाज को अवगत कराना था। कार्यक्रम में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के प्रधान धर्मवीर आर्य, उप प्रधान उमेद शर्मा, महामंत्री विजयपाल आर्य, कोषाध्यक्ष मोहित आर्य, वेद प्रचार अधिष्ठाता स्वामी सच्चिदानन्द, वैदिक विद्वान् डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार सहित वेद प्रचार विभाग गुरुकुल के अधिष्ठाता रामनिवास आर्य, वरिष्ठ भजनोपदेशक महाशय जयपाल आर्य, जसविन्द्र आर्य व अन्य कई गणमान्य विद्वानों, शिक्षाविदों, आर्य समाज के अनुयायियों और वेदप्रेमी नागरिकों ने भाग लिया।
संगोष्ठी में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा एवं वेद प्रचार विभाग गुरुकुल कुरुक्षेत्र संयुक्त प्रयासों से कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, अम्बाला, जींद और पानीपत जिला में गठित किये गये ‘वेद प्रचार मंडल’ के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी पहुंचे।
​​वेदों की आधुनिक प्रासंगिकता: कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धी दौर में वेदों की शिक्षाएँ दिशाहीनता को दूर कर एक संतुलित, अनुशासित और सार्थक जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने उपस्थित जनों से आह्वान किया कि वेदों को केवल पढ़ने तक सीमित न रखें, बल्कि उनके संदेशों को आचरण में उतारें।
​‘सबकी उन्नति में अपनी उन्नति’: आर्य सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए आचार्यश्री ने समाज के सामूहिक उत्थान पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए कार्य करना ही सच्ची प्रगति है। परस्पर सहयोग और सद्भाव ही एक स्वस्थ समाज की नींव है। ​प्राकृतिक कृषि और पर्यावरण: संगोष्ठी का एक प्रमुख विषय प्राकृतिक कृषि रहा। आचार्य देवव्रत जी ने मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण के लिए रसायनों से मुक्त प्राकृतिक खेती अपनाने और भारतीय कृषि परंपराओं को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती ही मानव जीवन को बचा सकती है। यूरिया, डीएपी, कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से हमारी भूमि बंजर हो गई है, पानी दूषित और भोजन भी विषैला हो गया है। यदि अभी भी किसानों ने प्राकृतिक खेती को नहीं अपनाया तो आने वाली पीढ़ी को न पीने योग्य पानी मिलेगा और न ही खाने योग्य भोजन। उन्होंने सभी किसान भाइयों से अपील की कि वे प्राणि मात्र के कल्याण हेतु प्राकृतिक खेती के अपनाएं।
​युवाओं की भूमिका और गुरुकुल शिक्षा: राज्यपालश्री ने युवाओं से अपील की कि वे आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और वैदिक विरासत को भी समझें। उन्होंने कहा कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति को मात्र किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और संस्कारों के विकास का मुख्य केंद्र है।
​अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ। उपस्थित लोगों ने वेदों के ज्ञान और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपने जीवन में अपनाने और समाज के व्यापक वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प लिया।

VV NEWS

राष्ट्रीय कार्यालय रमाकान्त पाण्डेय(गोपालपुरी) संरक्षक/संस्थापक ग्राम व पोस्ट- गोपालपुर (टावर) थाना व तहसील- मेहनगर जिला-आजमगढ़, उत्तर प्रदेश पिंन कोड़-276204 मोबाईल-9838825561,7054825561 हेंड कार्यालय/प्रशासनिक कार्यालय जितेंद्र पटेल (प्रमुख संपादक/प्रशासनिक संपादक) ग्राम व पोस्ट- 495668 थाना व तहसील-जांजगीर जिला-जांजगीर (छत्तीसगढ) पिंन कोड़-495668 मोबाईल-6265564514

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघप्रांतीय सम्मेलन विकास भवन के प्रागंण में संपन्न हुआ 21 सूत्री जिलाधिकारी जी को ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को रखा

Tue Aug 18 , 2026
आजमगढ़ उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघप्रांतीय सम्मेलन विकास भवन के प्रागंण में संपन्न हुआ 21 सूत्री जिलाधिकारी जी को ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को रखा गया जिसे प्रशासन द्वारा सरकार को अवगत कराया जाएगा जिसमें प्रदेश के सभी जिले के पदाधिकारी कर्मचारी बारी-बारी से अपनी बातों […]

You May Like

Breaking News

advertisement