
आजमगढ़। जिले में मौसमी इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1)/स्वाइन फ्लू के 4 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। लखनऊ और वाराणसी के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से आई रिपोर्टों के सत्यापन के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एन.आर. वर्मा ने जिलेवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
बीएचयू और मेदांता से हुई पुष्टि
जिला सर्विलांस अधिकारी के अनुसार, जांच रिपोर्ट में से 3 मामले बीएचयू (वाराणसी) और 1 मामला मेदांता अस्पताल (लखनऊ) से जुड़े हैं। संक्रमितों में 1 साल की मासूम बच्ची, 36 वर्षीय महिला, 45 वर्षीय पुरुष और 64 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं। इनमें 2 मामले शहरी और 2 ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आए हैं। फिलहाल सर्विलांस टीम सभी प्रभावितों की निगरानी कर रही है।
अस्पतालों में अलग वार्ड और बेड आरक्षित
सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं:
- अस्पताल: राजकीय मेडिकल कॉलेज, मंडलीय जिला चिकित्सालय के अलावा तरवां, लालगंज और अतरौलिया स्थित 100 शैय्या वाले अस्पतालों में विशेष वार्ड व बेड आरक्षित किए गए हैं।
- दवाएं और जांच: सभी केंद्रों पर जरूरी दवाओं की उपलब्धता, जांच और गंभीर स्थिति में मरीजों को उच्च संस्थानों में रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षण और बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है।
- प्रमुख लक्षण: बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सांस लेने में तकलीफ और मांसपेशियों में दर्द।
- बचाव के तरीके: भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाएं। खांसते-छींकते समय मुंह ढकें, हाथों को बार-बार धोएं और लक्षण दिखने पर खुद दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से संपर्क करें।
विभाग ने विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

