गांव में ही अटल डिजिटल सेवा केंद्र से विक्रम ने आसानी से बनवाया विवाह प्रमाण पत्र

कोण्डागांव, 02 सितंबर 2026/ जिले में नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सेवा सेतु ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए उपयोगी माध्यम साबित हो रहा है। अब विभिन्न आवश्यक प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज बनवाने के लिए ग्रामीणों को बार-बार जिला मुख्यालय अथवा शासकीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। गांव में स्थापित अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिक अपने आवश्यक दस्तावेज जमा कर घर के नजदीक ही विभिन्न सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
ग्राम बड़ेकनेरा निवासी श्री विक्रम सिंह कश्यप ने सेवा सेतु के माध्यम से अपना विवाह प्रमाण पत्र बनवाया। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेज अटल डिजिटल सेवा केंद्र में जमा करने के बाद उन्हें लगभग एक सप्ताह के भीतर विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।
श्री कश्यप दिव्यांग हैं, जिसके कारण जिला मुख्यालय तक आने-जाने में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गांव में ही अटल डिजिटल सेवा केंद्र की सुविधा उपलब्ध होना उनके लिए बेहद सुविधाजनक साबित हुआ। उन्होंने केंद्र में जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा किए और बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के अपना विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।
उन्होंने कहा, दिव्यांग होने के कारण जिला मुख्यालय आना-जाना मेरे लिए मुश्किल होता है। गांव में ही अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित होने से मुझे काफी सुविधा मिली। जरूरी दस्तावेज केंद्र में जमा किए और करीब एक सप्ताह में मेरा विवाह प्रमाण पत्र बनकर मिल गया। सेवा सेतु जैसी सुविधा गांव के लोगों के लिए बहुत अच्छी पहल है।
श्री कश्यप ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनसुविधा केंद्रित पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की डिजिटल सेवाओं से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को काफी लाभ मिल रहा है।
सेवा सेतु के माध्यम से शासकीय सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित होने से नागरिकों का समय, श्रम और आने-जाने का खर्च बच रहा है। अटल डिजिटल सेवा केंद्र ग्रामीणों के लिए शासन और प्रशासन से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे डिजिटल माध्यम से सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने के साथ ही सुशासन और जनसुविधा की अवधारणा को भी मजबूती मिल रही है।


