भाजपा सरकार की तानाशाही चरम पर, आजमगढ़ में जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ समेत कई कांग्रेस नेता दूसरे दिन भी नजरबंद

भाजपा सरकार की तानाशाही चरम पर, आजमगढ़ में जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ समेत कई कांग्रेस नेता दूसरे दिन भी नजरबंद
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा लोकतंत्र की गरिमा को तार-तार करते हुए कांग्रेस नेताओं के दमन का सिलसिला जारी है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन भी उनके आवासों पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर रखा है। पुलिस की इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
नजरबंद किए गए नेताओं में कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ के साथ वरिष्ठ नेता रियाजुल हसन, नजम शमीम, दिनेश यादव, बेलाल अहमद बेग, पूर्णमासी प्रजापति और रविकांत त्रिपाठी शामिल हैं। इन नेताओं के घरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिससे वे जनता के मुद्दों को लेकर बाहर न निकल सकें।
जिलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा –
“यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है और हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। सरकार पुलिस को हथियार बनाकर विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है, लेकिन वे भूल रहे हैं कि हम जनता के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पित हैं। हमें घर में कैद करना लोकतंत्र की हत्या है। यह पूरी कार्रवाई सरकार की घबराहट और विफलता का प्रतीक है। जब सरकार के पास जनता की समस्याओं का कोई जवाब नहीं होता, तब वह पुलिस की ढाल लेकर विपक्ष पर हमला करती है।यह जुल्म ज्यादा दिन नहीं चलेगा, हम इस दमनकारी शासन के खिलाफ अपनी लड़ाई और तेज करेंगे।”




