छत्रपति शिवाजी महाराज हिंदू सम्मेलन हुआ संपन्न सनातन संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति- मेघानंद जी महाराज

बदायूं कृष्ण हरी शर्मा जिला संवाददाता बीबी न्यूज़ बदायूं । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में संपूर्ण देश में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है ।इस श्रृंखला में सर्वप्रथम संचलन कार्यक्रम ,इसके पश्चात गृ ह संपर्क अभियान और अब हिंदू सम्मेलन के रूप में कार्यक्रम चल रहे हैं। इस निमित्त आज शिव देवी सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बदायूं के मैदान में छत्रपति शिवाजी महाराज हिंदू सम्मेलन का कार्यक्रम संपन्न हुआ ।इस कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री मदन लाल राजपूत, उपाध्यक्ष श्री अयोध्या प्रसाद शर्मा, संयोजक श्री वेद रतन जी शर्मा ( नगर बौद्धिक प्रमुख एवं प्रधानाचार्य जी उपरोक्त विद्यालय)मुख्य वक्ता श्री मयंक राज जी ,श्रीमती सीमा रानी विभाग समन्वयक आरएसएस, मुख्य अतिथि स्वामी मेधानंद सरस्वती जी महाराज -अध्यक्ष पतंजलि योगपीठ ,जिला प्रचारक श्री भरत लाल जी ,नगर प्रचारक श्री तुलसीदास जी ,विभाग कार्यवाह श्री जगजीवन राम जी ,श्री मनीष जी सिंगल – विभाग संपर्क प्रमुख , उपरोक्त दोनों विद्यालयों का समस्त स्टाफ नगर के अनेक प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन सर्व व्यवस्था प्रमुख कृष्ण हरी शर्मा ने किया।इस अवसर पर शिव देवी सरस्वती शिशु मंदिर की बहिनों ने स्वागत गीत तथा शिव देवी सरस्वती विद्या मंदिर की बहिनो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी मेधानंदजी महाराज ने अपना उद्बोधन गायत्री मंत्र के साथ प्रारंभ किया। कुर्सियां भ्रष्ट हो तो वतन क्या करें, चंद्रमा आग उगले तो गगन क्या करें गीत के माध्यम से उपस्थित जन समुदाय में नई ऊर्जा का संचार किया। स्वामी जी ने उपस्थित समाज से आवाहन किया, कि वे सब अपने घरों में गीता और रामचरितमानस के नित्य पाठक बने ।जिससे संस्कृति ,संस्कार और सनातन सुरक्षित रह सके। श्रीमती ममता शर्मा ने जिनकी कुर्बानी वतन की आरती से कम नहीं गीत के माध्यम से शहीदों को स्मरण किया। श्री मयंकराज जी मुख्य वक्ता ने कहा कि देश के लिए 100 वर्ष की संघ की यात्रा में संघ ने समाज में पांच परिवर्तन का संकल्प लिया है ,जिस पर संघ कार्य चल रहा है। कार्यक्रम के संयोजक श्री वेद रतन शर्मा ने कार्यक्रम में पधारे हुए समस्त अतिथि बंधुओं का आभार व्यक्त किया। धर्मा ट्रस्ट के संचालक श्री राणा प्रताप जी के द्वारा सभी उपस्थित बंधुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई।




