
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : जिलाधिकारी अविनाश सिंह की बैठक में लखपति महिला कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
डिप्टी कमिश्नर एनआरएलएम ने बताया कि लखपति महिला कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद बरेली को 1,23,762 स्वयं सहायता समूह सदस्य महिलाओं की आय में सम्मानजनक वृद्धि करने तथा कृषि एवं गैर-कृषि आजीविका के माध्यम से उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वयं सहायता समूह के गठन के लिए जनपद को 26,883 का लक्ष्य मिला है,जिसपर जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे माहवार कार्ययोजना तैयार कर लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करें तथा सचिवों की नियमित समीक्षा करते हुए खराब प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करें।
उन्होंने डिप्टी कमिश्नर एनआरएलएम को सभी ब्लॉकों की नियमित समीक्षा करने तथा पंचायत सहायकों, कोटेदारों, सचिवों एवं एडीओ को अभियान से जोड़कर समूह गठन में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही बी एम एम की दैनिक समीक्षा कर कमजोर प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में नए एवं पुराने स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते न खुलने की समीक्षा के दौरान ब्लॉक भदपुरा एवं मीरगंज ब्लॉक में अधिक लंबित मामलों पर जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में बैंक संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु विशेष शिविर आयोजित कराने के निर्देश दिए।
पोटेंशियल लखपति दीदी चिन्हीकरण की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में अब तक 55,489 पोटेंशियल दीदी की पहचान की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने शेष चिन्हीकरण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल लखपति दीदी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें करोड़पति दीदी बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाना है। इसके लिए नवाचार आधारित आजीविका मॉडल विकसित किए जाएं तथा सखियों एवं सेक्टर अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाए।
बैठक में जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


