
महापुरुषों के आदर्शों को जीवंत रखना बेहद जरूरी : डॉ. कृष्ण कांत।
आयुष विश्वविद्यालय में सामूहिक भोजन के माध्यम से दिया सामाजिक समरसता का संदेश।
कुरुक्षेत्र पिपली, प्रमोद कौशिक/वरुण कौशिक 1 मई : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में गुरु तेग बहादुर जी की जयंती के उपलक्ष्य में “सामाजिक समरसता दिवस” उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कुलपति, कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता, प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता सहित शिक्षकगण, कर्मचारी और विद्यार्थियों ने सामूहिक भोजन कर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन त्याग, साहस और मानवता की रक्षा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता दिवस मनाने का उद्देश्य समाज में समानता, आपसी सम्मान और एकजुटता की भावना को सुदृढ़ करना है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन महापुरुषों के आदर्शों को जीवंत रखते हैं और समाज में सौहार्द बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक भोजन जैसे कार्यक्रम भेदभाव मिटाकर एकता को मजबूत करते हैं।
आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का विकास भी है। इस अवसर पर आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला, परीक्षा नियंत्रक प्रो. हेतल दावे, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, प्रो. अमित कटारिया, प्रो. सुनीति तंवर, प्रो. आशु, उप कुलसचिव विकास शर्मा, अतुल गोयल, सहायक कुलसचिव राम निवास, वित्त अधिकारी अशोक ग्रोवर सहित अन्य उपस्थित रहे।


