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पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर ऐतिहासिक और यादगार होगा अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव : धुमन सिंह

पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर आज होगा सरस एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन, बोर्ड की तरफ से 65 किलोमीटर लम्बी सरस्वती नदी पर 28 करोड़ की राशि से बनाई पटरी, सरस्वती महोत्सव के लिए आस पास के जिलों से चलेंगी विशेष बसें, विभिन्न प्रदेशों के शिल्पकारों की कला देखने को मिलेगी महोत्सव में, मेरे यार सुदामा रै गाने वाली प्रसिद्घ कलाकार विधि देशवाल बनेंगी महोत्सव की शान।

पिहोवा, (प्रमोद कौशिक) 18 जनवरी हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2026 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए है। इस बार हरियाणा सरस्वती विकास बोर्ड, सूचना जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक विभाग तथा जिला प्रशासन एवं संस्थाओं के सहयोग से 19 जनवरी से 25 जनवरी तक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अहम पहलू यह है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आदि बद्री में उद्घाटन समारोह में शिरकत करेंगे।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच रविवार को पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर महोत्सव को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच और उनके साथ नगर पालिका पिहोवा के चेयरमैन आशीष चक्रपाणी, बोर्ड के अधीक्षण अभियंता अरविंद कौशिक, कार्यकारी अभियंता नवतेज सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष सुशील राणा, भाजपा नेता हन्नु चक्रपाणी, कार्तिक चक्रपाणी, बलबीर गुज्जर, मंडल अध्यक्ष सुखबीर, बाबू राम, नपा सचिव अशोक कुमार, नायब तहसीलदार श्याममल ने महोत्सव की तैयारियों का निरीक्षण किया। उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से इस बार अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2026 में 19 से 25 जनवरी तक 7 दिवसीय कार्यक्रमों का शेड्यूल तैयार किया गया है। इस महोत्सव को लोगों की आशा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महोत्सव में मेरे यार सुदामा रै भजन की प्रस्तुति देने वाली विधि देशवाल, प्रसिद्ध कलाकार मंदीप, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहने वाली टीमों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा पंजाब से भी बड़े कलाकार को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच है कि हरियाणा और पंजाब की संस्कृति का संगम पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर देखने को मिले। इस वर्ष बसंत पंचमी 23 जनवरी के पावन पर्व पर संत सम्मेलन का आयोजन होगा और इस संत सम्मेलन में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज भी शिरकत करेंगे।
उन्होंने कहा कि 19 जनवरी को आदि बद्री यमुनानगर में सरस्वती नदी पर विकास कार्यों का उद्घाटन,सरस मेला और हरियाणा पुरातत्व विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन, 19 जनवरी से 25 जनवरी तक पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर सरस एवं सांस्कृतिक मेला, 20 से 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सरस्वती नदी पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी, 22 जनवरी को राखीगढ़ी व कुनाल में हरियाणा पुरातत्व विभाग द्वारा सरस्वती नदी पर प्रदर्शनी का आयोजन, 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन पर्व पर पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल पर मां सरस्वती जन्मोत्सव, बसंत पंचमी सरस्वती समारोह के शुभ अवसर पर सत्संग, विद्वान व सरस्वती सेवा समिति संगम सम्मेलन व महोत्सव के मुख्य कार्यक्रमों का समापन समारोह, इसके अलावा 23 जनवरी को ही सरस्वती नगर यमुनानगर, कैथल के गांव पोलड एवं पिसौल तीर्थ, जींद के हंस डरहर तीर्थ पर भी बसंत उत्सव कार्यक्रम का आयोजन होगा तथा पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर सरस मेला चलेगा।
सरस एवं सांस्कृतिक मेले का उदघाटन आज
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि 19 जनवरी को जहां आदिबद्री में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आगाज करेंगे, वहीं 19 जनवरी को सुबह 9 बजे पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर सरस एवं सांस्कृतिक मेले का उदघाटन होगा। इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभगवान शर्मा व भाजपा के जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी शिरकत करेंगे। इसके अलावा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं शिक्षा विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ, सरस मेले का अवलोकन,प्रतिभागी विद्यार्थियों का पुरस्कार वितरण समारोह, वृक्षारोपण तथा सायं 5:30 बजे भजन संध्या व सरस्वती आरती का आयोजन होगा।
सरस्वती महोत्सव के लिए आस पास के जिलों से चलेंगी विशेष बसें।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के लिए परिवहन विभाग की तरफ से विशेष बस सेवा भी शुरू की जाएगी। इस बस सेवा के तहत कुरुक्षेत्र से 5 बसे, पंचकूला से 2 बसें, कैथल से 2 बसें व अम्बाला से 2 बसें चलेंगी।
बोर्ड की तरफ से 65 किलोमीटर लम्बी सरस्वती नदी पर 28 करोड़ की राशि से बनाई पटरी।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से बोर्ड के माध्यम से पिपली तक 65 किलोमीटर लम्बी पटरी बनाई गई है। यह पटरी सरस्वती नदी पर बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट पर 28 करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है। इसके अलावा अलग- अलग जगहों पर सरस्वती नदी को मजबूत करने के लिए स्टोन पीचिंग का कार्य भी करवाया गया है।

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