प्रधानमंत्री आवास से श्रीमती रामबाई को मिला सामाजिक, पारिवारिक सुरक्षा का संबल

कोरिया 26 नवम्बर 2025/ जब व्यक्ति प्राकृतिक विपदाओं से घिरकर जीवन जीता हैं तो प्रत्येक कार्यदिवस किसी ना किसी नए संघर्ष को लेकर आता है। ऐसे में जब स्वयं का पक्का मकान ना हो तो दिन का संघर्ष उसे रात में चौन की नींद भी नहीं सोने देता है। इस तरह के व्यथित जीवन में अपने परिवार का पालन करने वाली श्रीमती रामबाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनकर तैयार पक्का आवास उनके जीवन को सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा देने वाला साधन बन गया है।
कठिन पारिवारिक स्थिति
कोरिया जिले के जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर अंतर्गत ग्राम बुड़ार में रहने वाली श्रीमती रामबाई के जीवन में सब कुछ सामान्य चल रहा था तभी उनके पति का देहांत हो गया। मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाने वाले मुखिया के जाने से उनके उपर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। अपने कच्चे मकान के दो कमरे में परिवार के साथ जीवन यापन को मजबूर श्रीमती रामबाई के लिए प्रकृति का हर मौसम उनके लिए कुछ नई समस्याएं लेकर आता था।
गत वर्ष मिला प्रधानमंत्री आवास
मनरेगा के तहत अकुशल श्रम और खेतों में परिश्रम से अपने परिवार का जीवन यापन करने वाली श्रीमती रामबाई को गत वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला। पूरे परिवार के साथ उन्होने जल्द ही अपने सपनां का आशियाना बनाकर तैयार किया। अब उनका पूरा परिवार सुरक्षा के साथ पक्के मकान में रहने का आनंद ले रहा है।
अब कोई समस्या नहीं
श्रीमती रामबाई ने खुश होकर बताया कि मजदूरी करके पक्का मकान बनाना सपने जैसा ही था। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच के कारण आज वह अपने पक्के मकान में परिवार के साथ निश्चिंत होकर रहने लगी हैं। यह आवास उनकी हर तरह से सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा का घेरा बन गया है। मौसम के बदलाव से अब रात को चौन की नींद सोने में कोई समस्या नहीं है।




