
सेंट जेवियर्स हाई स्कूल एलवल में रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर राखी निर्माण प्रतियोगिता आयोजित; आजाद हाउस बना विजेता
आजमगढ़: शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सेंट जेवियर्स हाई स्कूल एलवल में रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर एक भव्य एवं उत्साहपूर्ण राखी निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय के चारों हाउसों—आजाद हाउस, गांधी हाउस, बोस हाउस एवं नेहरू हाउस—के छात्र-छात्राओं ने अपनी बाल-उमंग, रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों का पालन करते हुए सभी प्रतिभागियों ने मुख्य रूप से इको-फ्रेंडली (पर्यावरण-अनुकूल) सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर और आकर्षक राखियां बनाईं। सुबह से ही विद्यालय के नौनिहाल अपनी कलाकृतियों के माध्यम से अपने-अपने हाउस को सर्वोत्कृष्ट स्थान दिलाने की होड़ में जुटे रहे।
प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षण एवं आंकड़े:
- प्रतिभागी संख्या: प्रत्येक हाउस से 30-30 विद्यार्थियों ने भाग लिया (कुल 120 प्रतिभागी)।
- राखी निर्माण का लक्ष्य: प्रत्येक छात्र को 3 राखियां बनाने का कार्य सौंपा गया।
- कुल निर्मित राखियां: प्रत्येक हाउस द्वारा 90 राखियां (कुल 360 राखियां) तैयार की गईं।
- समय सीमा: कठिन परिश्रम और लगन के प्रदर्शन के लिए छात्रों को 2.5 घंटे (ढाई घंटे) का समय दिया गया।
छात्रों ने केवल राखियां ही नहीं बनाईं, बल्कि विभिन्न कलाकृतियों के साथ अपनी प्रस्तुति को अलग-अलग तरीकों से प्रस्तुत किया। इस दौरान बच्चों ने रक्षाबंधन से जुड़े पौराणिक व ऐतिहासिक तथ्यों एवं कहानियों के दृश्य भी सजीव रूप से पेश किए।
निर्णायक मंडल एवं परिणाम:
प्रतियोगिता का मूल्यांकन महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ की डॉ० प्रियंका सिंह (विभागाध्यक्ष, बॉटनी) एवं डॉ० वैशाली सिंह (विभागाध्यक्ष, कॉमर्स) बतौर मुख्य अतिथि, तथा विद्यालय के आवासीय प्रबंधक प्रदुम्न जायसवाल, अनिरुद्ध जायसवाल एवं प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। निर्णायक मंडल के समस्त विद्वज्जन छात्रों की अतुलनीय प्रतिभा और सराहनीय प्रदर्शन को देखकर मंत्रमुग्ध नजर आए।
गहन विचार-विमर्श और सूक्ष्म अवलोकन के बाद घोषित परिणाम इस प्रकार रहे:
- प्रथम स्थान: आजाद हाउस
- द्वितीय स्थान: गांधी हाउस
- तृतीय स्थान: बोस हाउस
- चतुर्थ स्थान: नेहरू हाउस
प्रधानाचार्य का संदेश:
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बच्चों के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “प्रतिभा को कभी भी केवल अंकों में प्रदर्शित नहीं किया जा सकता; अंक तो मात्र प्रतियोगिता को पूर्णता देने का एक आधार हैं, जबकि हर बच्चे का प्रयास अपने आप में अनूठा है।”
संबोधन के अंत में प्रधानाचार्य महोदय ने समस्त विद्यालय परिवार, शिक्षकों व विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व की अग्रिम बधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।


