ऋषि मुनियों के घोर तप से बने पवित्र देश की संस्कृति को बचाना होगा:वसीम बरेलवी

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता)

बरेली : मानव सेवा क्लब के तत्वावधान में शनिवार को एक विचार गोष्ठी का आयोजन फूटा दरवाजा स्थित वसीम बरेलवी के निवास पर हुआ। वर्तमान परिवेश में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बचाने पर चर्चा में गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे मशूहर शायर प्रो.वसीम बरेलवी ने कहा कि हमारे देश की मिट्टी ऋषि मुनियों की घोर तपस्या के कारण सुगंधित और पवित्र है।इस देश की पावन संस्कृति और सभ्यता को हमें हर कीमत पर बचाना होगा। मुख्य अतिथि लाल बहादुर शास्त्री इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक प्रो.राजेन्द्र भारती ने कहा कि हम पश्चिमी देशों की नकल करके अपनी सभ्यता को नहीं बचा सकते। उन्होंने कहा नई पीढ़ी को सीख देने की आवश्यकता है। कवि इन्द्रदेव त्रिवेदी ने भी वर्तमान परिवेश में अपनी संस्कृति बचाने के लिये अपने को ही जिम्मेदार ठहराया। पूरी दुनिया में अपने देश की संस्कृति और सभ्यता का परचम लहराने और उसका प्रचार प्रसार करने वाले ऐसी शख्सियत प्रो.वसीम बरेलवी को शाल, पगड़ी और हार पहनाकर क्लब के संरक्षक इं. के.बी.अग्रवाल, अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा, महासचिव प्रदीप माधवार,प्रकाश चंद्र सक्सेना, डा. प्रणव गौतम, नखत वसीम और मुकेश सक्सेना ने सम्मानित किया। गोष्ठी का संचालन सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने किया। सभी का आभार अरुणा सिन्हा ने व्यक्त किया।

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