
अयोध्या। अयोध्या से नवनिर्वाचित समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर दान घोटाले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी (SIT) पर अविश्वास जताते हुए इस पूरे मामले की जांच देश की सर्वोच्च अदालत की निगरानी में कराने की मांग की है।
सोमवार (15 जून) को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा सांसद ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए वर्तमान ट्रस्ट को तुरंत भंग कर देना चाहिए ताकि जांच प्रभावित न हो सके।
’अखिलेश यादव ने किया बड़ा खुलासा’
सांसद अवधेश प्रसाद ने इस पूरे मामले को उजागर करने का श्रेय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिया। उन्होंने कहा:
”हमारे नेता अखिलेश यादव जी ने ट्वीट करके इस पूरे महाघोटाले का पर्दाफाश किया है। इस खुलासे के बाद अब कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और सबके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। पूरे देश के सामने इस घोटाले की सच्चाई आनी ही चाहिए।”
’चढ़ावे का पैसा गोबर और घूर गड्ढों में छिपाया जा रहा है’
ट्रस्ट पर सीधा हमला बोलते हुए अवधेश प्रसाद ने बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जानकारियां मिल रही हैं, वे हैरान करने वाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया:
मंदिर में आने वाले चढ़ावे के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है।
साक्ष्यों को मिटाने के लिए पैसे को गोबर और घूर गड्ढों (कूड़े के ढेरों) में छिपाया जा रहा है।
यह राष्ट्र और भगवान राम से जुड़ा मामला
सपा सांसद ने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह किसी एक प्रदेश या सिर्फ ट्रस्ट का अंदरूनी मामला नहीं है। यह सीधे तौर पर भगवान राम की आस्था और देश की भावनाओं से जुड़ा हुआ राष्ट्र का मामला है। उन्होंने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में एक स्वतंत्र कमेटी गठित नहीं होगी, तब तक इस महाघोटाले का सच सामने नहीं आ पाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: पंकज पाठक, अयोध्या।

