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बेटा एवं बेटी में कोई भी भेद नहीं करना चाहिए बेटियों को स्वस्थ पोषण एवं उचित वातावरण देना चाहिए- रूमा परवीन

रायबरेली
रिपोर्टर विपिन राजपूत

रायबरेली उत्तर प्रदेश महिला कल्याण विभाग, द्वारा संकल्प के अंतर्गत 10 दिवसीय जनजागरूकता अभियान के तहत जनपद- रायबरेली में
हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन (HEW) की गतिविधि- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत आशा एवं आंगनवाड़ी को पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर कार्यशाला का आयोजन।

दिनांक 03.09.2025 को महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन रायबरेली, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री जयपाल वर्मा के निर्देशानुसार विकासखण्ड – राही के ब्लॉक सभागार में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के संबंध में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मनोचिकित्सक श्रीमती रूमा परवीन द्वारा बताया गया कि बेटा एवं बेटी में कोई भी भेद नहीं करना चाहिए बेटियों को स्वस्थ पोषण एवं उचित वातावरण देना चाहिए। इसी क्रम में जिला मिशन कोऑर्डिनेटर शेफाली सिंह द्वारा आशा एवं आंगनबाड़ियों को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रति जागरूक किया गया उनके द्वारा बताया गया कि भ्रूण की लिंग जांच करना अपराध है।
जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी ने बताया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और देश में घटते लिंग अनुपात को सुधारना है इस अधिनियम से जन्म से पहले किसी भी प्रकार के अल्ट्रासाउंड द्वारा भ्रूण के लिंग का पता लगाने पर जुर्माना लगता है। इसी क्रम में बाल संरक्षण अधिकारी के द्वारा महिलाओं से संबंधित योजनाओं जैसे प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना, जननी सुरक्षा योजना ,महिला हेल्प लाइन नंबर, कन्या सुमंगला योजना, मातृत्व बंदना योजना आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई व लाभार्थियों को संबंधित योजना में आवेदन हेतु लगने वाले प्रपत्रों की जानकारी महिलाओं को दी गई। कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट सुषमा कश्यप, प्रवेक्षक संध्या श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर कृष्ण दत्त शर्मा, शाजिया, अल्फिया, मोहिनी, रामेश्वरी, शिवकांत आदि उपस्थित रहे।

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