उत्तराखंड: नकली दवा और शराब के QR कोड और रैपर छापने का भंडाफोड़

सागर मलिक
एसटीएफ की टीम ने सेलाकुई क्षेत्र में दबिश देकर नामी दवा व शराब कंपनियों के फर्जी क्यूआर कोड व रैपर बनाने का भंडाफोड़ किया। इस मामले में राजा रोड के पास बायांखाला कालोनी स्थित मकान से बिहार के छपरा निवासी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
साथ ही मौके से दवा कंपनियों के 658 व शराब की कंपनियों के 386 स्टीकर व क्यूआर कोड बरामद किए गए। पूछताछ के आधार पर आरोपित की पहचान संतोष कुमार निवासी ग्राम हसुलानी थाना कोपा जिला छपरा (बिहार) के रूप में हुई। आरोपित के खिलाफ एसटीएफ उपनिरीक्षक नरोत्तम सिंह बिष्ट ने थाना सेलाकुई में कापीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस संबंध में कई दवा कंपनियों ने शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि सन फार्मा, डा. रेड्डीज लेबोरेटरीज, ग्लेनमार्क व अल्केम लेबोरेटरीज आदि के फर्जी रैपर व क्यूआर कोड भारी मात्रा में छापे जा रहे हैं। इस पर जांच की जा रही थी।
जांच में जानकारी मिली कि कुछ व्यक्ति सेलाकुई क्षेत्र में ऐसा फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, जिसके जरिये नकली दवा पैककर बाजार में बेचने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। इस बीच रविवार को ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के दिल्ली कार्यालय से एक अधिकारी ने एसटीएफ कार्यालय में सूचना दी।
बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि सेलाकुई क्षेत्र में संतोष नामक व्यक्ति विभिन्न दवा कंपनियों के नकली शो बाक्स (आउटर पैकिंग) व क्यूआर कोड छपवाने का कार्य करता है। वह राजा रोड के पास स्थित बायांखाला कालोनी में रहता है।
इस पर एसटीएफ की टीम ने बायांखाला में संतोष के घर पर दबिश दी ओर उसे पकड़कर पूछताछ की। एसटीएफ टीम ने जब घर में छानबीन की तो वहां से कई दवा व शराब कंपनियों के फर्जी रैपर बरामद हुए। जिस कंपनी के अधिकारी ने शिकायत की थी, उस कंपनी के भी 40 फर्जी रैपर मिले।
आरोपित ने बताए गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम, तलाश में जुटी पुलिस
आरोपित संतोष कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह अक्षय नामक व्यक्ति के कहने पर किसी भी दवा कंपनी का रैपर व क्यूआर कोड बना देता है। वह अक्षय का असली नाम व पता नहीं जानता। वह देहरादून में रहने वाले विवेकानंद से विभिन्न कंपनियों के रैपर के डिजाइन बनवाता है।
आरोपित के पास से उत्तराखंड में बनने वाली शराब के 114 फर्जी स्टीकर व क्यूआर कोड भी बरामद हुए, जिस पर उत्तराखंड शासन का लोगो अंकित है। इसी प्रकार क्यूआर कोड लगे रायल स्टैग मार्का शराब के 272 लेबल भी बरामद किए गए। आरोपित ने बताया कि यह स्टीकर राजेंद्र चौधरी नामक व्यक्ति द्वारा छपवाए गए थे। जांच में पता चला कि संतोष कुमार मामले से संबंधित अन्य आरोपितों के साथ मिलकर यह काम करता था। पुलिस अब अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।




