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श्रीमद्भागवत कथा को अपने जीवन में आत्मसात करने से ही हमारा कल्याण संभव है : श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च

श्रीमद्भागवत कथा को अपने जीवन में आत्मसात करने से ही हमारा कल्याण संभव है : श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च

सेंट्रल डेस्क संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
ब्यूरो चीफ – डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, दूरभाष 9416191877

वृन्दावन : रमणरेती रोड़ स्थित फोगला आश्रम में श्रीहित उत्सव चैरिटेबल ट्रस्ट, वृन्दावन एवं श्रीमद्भागवत कथा परिवार, रायपुर (छत्तीसगढ़) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ठाकुरश्री विजय राधावल्लभ लाल व ठाकुरश्री प्रियावल्लभ लाल महाराज के द्वादश दिवसीय 212वें पाटोत्सव के अंतर्गत चल रहे 170 श्रीमद्भागवत के मूल पारायण व श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव हवन की पूर्णाहूति, श्रीमद्भागवत ग्रंथ पूजन, विप्र पूजन व भंडारे के साथ सम्पन्न हुआ।
इससे पूर्व व्यास पीठ पर आसीन श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च ने अपनी रसमयी वाणी के द्वारा देश-विदेश से आए समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस की कथा श्रवण कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने की सार्थकता तभी है,जब हम सभी इस ग्रन्थ को अपने जीवन में आत्मसात कर लें।तभी हमारा कल्याण संभव है।इसीलिए सभी भक्त ये संकल्प लें ,कि इन सात दिनों में हमने श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा से जो भी श्रवण किया है,उसे अपने जीवन में धारण करेंगे।साथ ही आजीवन उसके बताए मार्ग पर चल कर प्रभु का गुणगान करेंगे।
महोत्सव के अंतर्गत ब्रजवासी पंडा सभा के अध्यक्ष पंडित श्यामसुंदर गौतम ने पंडा सभा के द्वारा भागवत आचार्य श्रीहित ललित वल्लभ नागार्च का उनके द्वारा धर्म व अध्यात्म के क्षेत्र में की गई अविस्मरणीय सेवाओ के लिए शॉल ओढ़ा कर, स्मृति चिन्ह देकर एवं ठाकुरजी का पटका प्रसादी माला आदि भेट कर अभिनंदन किया।
इस अवसर पर विश्वविख्यात भागवताचार्य व गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक डॉ. अनिरुद्धाचार्य महाराज, भागवत भास्कर कृष्ण चन्द्र शास्त्री (ठाकुरजी), परम् हितधर्मी डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा, पीपाद्वाराचार्य जगद्गुरु बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज, गौसेवी सन्त गोपेश बाबा, आचार्य विष्णु मोहन नागार्च, प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, प्रेम मन्दिर के जन संपर्क अधिकारी अजय त्रिपाठी, सन्त जुगल दास महाराज, सन्त बिहारीदास महाराज, सन्त रामदास महाराज,भागवत आचार्य गोपाल भैया, पण्डित सुभाष गौड़ (लाला पहलवान), आचार्य अंकित कृष्ण महाराज, श्रीमती कमला नागार्च, आचार्य रसिक वल्लभ नागार्च, कीर्ति नागार्च, हितानंद नागार्च, रसानंद नागार्च, प्रेमानंद नागार्च, दिव्यानंद नागार्च, पण्डित रासबिहारी मिश्र, पण्डित जुगल किशोर शर्मा, डॉ. राधाकांत शर्मा, पण्डित तरुण मिश्रा, पण्डित भरत शर्मा, हितवल्लभ नागार्च, महोत्सव के मुख्य यजमान श्रीमती सिंधु-मुकेश गोयल (रायपुर, छत्तीसगढ़), श्रीमती अनिता-कमल अग्रवाल, श्रीमती कौशल-अमिताभ अग्रवाल, श्रीमती मिताली-दीपक अग्रवाल, श्रीमती कृष्णा-कैलाश अग्रवाल, श्रीमती निशा-अंकित अग्रवाल आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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