नव भारत जनकल्याण समिति द्वारा नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 129 वीं जयंती को राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के रूप में मनाते हुए एक गोष्ठी का किया आयोजन

नव भारत जनकल्याण समिति द्वारा नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की 129 वीं जयंती को राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के रूप में मनाते हुए एक गोष्ठी का किया आयोजन
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता)
बरेली : नव भारत जनकल्याण समिति के तत्वावधान में गत दिवस नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी कि 129 वी जयंती को राष्ट्रीय पराक्रम दिवस के रुप में मनाते हुए समिति के जसोली स्थित कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।नेता जी के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए समिति के अध्यक्ष भारत मूलचंदानी ने कहाँ कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जी एक ऐसा व्यक्तित्व जिन्होंने अपने पराक्रम से अंग्रेजी सरकार के छक्के छुड़ा दिये। उनके द्वारा देश की स्वतंत्रता के लिये किये गये कार्यों से ब्रिटिश सरकार इतना डर गई कि वो लोग नेता जी को भारत से दूर रखने के बहाने ढूंढ़ते रहते थे। फिर भी उन्होंने देश कि आज़ादी के लिये देश से बाहर रहकर भी संघर्ष जारी रखा और भारतीय इतिहास के पहले ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ देश से बाहर रहते हुए भी सेना संगठित की और ब्रिटिश सरकार को सीधे युद्ध की चुनौती देते हुए युद्ध किया। वह आई.सी.एस बनने वाले पहले भारतीय थे , माना जाता है कि 18 अगस्त 1945 को ताइवान में एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हुई ,जो आज तक एक रहस्य व जाँच का विषय है । तथा कार्यक्रम में प्रमुख रुप से समिति के अध्यक्ष भारत मूलचंदानी, पूर्व पार्षद सौरभ सक्सेना,संजय शर्मा,दीपू श्रीमाली,अशोक पाल,आनंद जोहरी,राजेश गुप्ता,राजीव रस्तोगी,गोपाल मूलचंदानी, अदनान मुनव्वर,महेश यादव, भूपेंद्र गुप्ता,राजपाल सिंह ढाल, राजीव रस्तोगी,नरेन्द्र मौर्य,आदि ने अपने-अपने विचार रखे।




