लुवास द्वारा झज्जर के मेहराना गांव में पशुपालकों के लिए डेयरी प्रशिक्षण गोष्ठी का आयोजन

लुवास द्वारा झज्जर के मेहराना गांव में पशुपालकों के लिए डेयरी प्रशिक्षण गोष्ठी का आयोजन
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 94161 91877
हिसार : लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय), हिसार के पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग एवं हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, लकड़िया द्वारा झज्जर जिले के मेहराना गांव में अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों के लिए डेयरी पालन विषय पर पशुपालक गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारत सरकार के भैंस नसल सुधार प्रोजेक्ट द्वारा वित्तपोषित किया गया। पशुपालन गोष्ठी को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम के निदेशक पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. डी. एस. बिढान व हरियाणा पशु विज्ञान क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. संजय यादव की देखरेख में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैज्ञानिक जानकारी और नवीन तकनीकों की जानकारी मिलने से पशुपालक अपने डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से पशुपालकों को पशुओं की बेहतर देखभाल, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और रोगों की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होती है।
गोष्ठी के समन्वयक के रूप में पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. दिपिन चन्द्र यादव व डॉ मान सिंह तथा पशु चिकित्सा चिकित्सालय परिसर के सहायक प्राध्यापक डॉ. निलेश सिन्धु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गोष्ठी के दौरान डॉ. दीपिन चन्द्र यादव ने डेयरी पशुओं के वैज्ञानिक आवास, संतुलित आहार तथा उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी और बताया कि सही प्रबंधन अपनाकर पशुपालक दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं।
पशुचिकित्सक डॉ. दिनेश गुलिया ने दुग्ध देने वाले पशुओं की देखभाल, साफ-सफाई तथा स्वच्छ दूध उत्पादन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वहीं डॉ. निलेश सिंधु ने डेयरी पशुओं में होने वाली प्रमुख बीमारियों, उनके लक्षण तथा नियंत्रण के उपायों के बारे में जानकारी देते हुए पशुपालकों को समय-समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को हरियाणा सरकार की डेयरी विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। गोष्ठी में उपस्थित पशुपालकों ने विशेषज्ञों से चर्चा कर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। गोष्ठी के उपरांत पशुपालकों को खनिज मिश्रण इत्यादि वितरित किया गया। इस अवसर पर डॉ जितेन्द्र, डॉ. पुष्पेन्द्र जाखड़, श्री रमन व अजय ने भी पशुपालकों को प्रोत्साहित किया।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीलेश सिंधु ने बताया कि हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, लकड़िया, झज्जर द्वारा समय- समय पर ग्रामीण क्षेत्रों के पशु पालकों में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ताकि युवा पीढ़ी में पशुपालन के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।




