प्रथम विश्व योगासन खेल चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ी करेंगे शानदार प्रदर्शन : डॉ. जयदीप आर्य

प्रथम विश्व योगासन खेल चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ी करेंगे शानदार प्रदर्शन : डॉ. जयदीप आर्य
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 94161 91877

योगासन खेल- चुनौतियां एवं अवसर विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन गीता ज्ञान संस्थानम् में आरंभ।
कुरुक्षेत्र ,15 मार्च : हरियाणा योग आयोग एवं हरियाणा योगासन खेल संघ के संयुक्त तत्वावधान में गीता ज्ञान संस्थानम् में योगासन खेल – चुनौतियां एवं अवसर विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सत्र आरंभ हुआ। सर्वप्रथम वर्ल्ड योगासन और योगासन भारत के महासचिव एवं हरियाणा आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य, योगासन भारत के उपाध्यक्ष राकेश कुमार शास्त्री, कोषाध्यक्ष रचित कौशिक, कार्यकारिणी सदस्य विकास गोस्वामी एवं रोहित कौशिक, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन जयंत विष्णु भारती, उपाध्यक्ष तमिलनाडु यूथ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, अभिजीत बोस, नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान के मुख्य योगासन कोच डॉ सी के मिश्रा, सेवानिवृत्ति आईजी आइटीबीपी एवं हरियाणा योगासन खेल संघ के जीटीसीसी अध्यक्ष ईश्वर सिंह दुहन, हरियाणा योगासन खेल संघ के उपाध्यक्ष नंदलाल बेनीवाल व सचिव डॉ. युद्धवीर, कोषाध्यक्ष एवं हरियाणा योग आयोग के सदस्य डॉ. मदन मानव, डॉ मनीष कुकरेजा, जयपाल शास्त्री, सहित अन्य उपस्थित महानुभावों ने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। उपस्थित सभी अतिथियों को अंग वस्त्र पहना कर सम्मानित किया गया। हरियाणा योग आयोग एवं योगासंग खेल संघ के इस आयोजन के माध्यम से स्वदेशी खेल विश्व पटल की ओर गतिमान होगा।
रचित कौशिक ने बताया कि योगासन भारत का मुख्य उद्देश्य योग को आगे बढ़ाना है। मुख्य योगासन कोच डॉ. सी के मिश्रा ने कहा कि योगासन के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है । योग एक विज्ञान है ।योग से जीवन को परिष्कृत किया जा सकता है। राकेश शास्त्री ने कहा कि चोट लगने का भय, मानसिक दबाव एवं तनाव तथा समय का अभाव सहित कई चुनौतियां योगासन खिलाडियों के सामने रहेंगी। उन्होंने खेल विज्ञान विशेष कर इंजरी मैनेजमेंट पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि योगासन से बेहतर कोई भी खेल नहीं है।
ईश्वर सिंह दुहन ने कहा कि योग तनाव से मुक्ति दिलाता है। योगासन खेल भारत को विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में बहुत से मैडल दिला सकता है।
डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि योगासन खेल के सामने बहुत सी चुनौतियां हैं। जैसे अच्छे स्तर के तकनीकी कोच, तकनीकी अधिकारी एवं अनुभवी निर्णायक न होना, योग के अनुरूप दिनचर्या एवं आहार न होना, खिलाड़ियों में तकनीकी ज्ञान व प्रशिक्षण का अभाव, तकनीकी अधिकारियों का निर्णायकों को कंप्यूटर का अधूरा ज्ञान, खिलाड़ियों द्वारा खेल के साथ-साथ अच्छी शिक्षा प्राप्त करने की चुनौती इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योगासन खेल में रोजगार की भी बहुत अच्छी-अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जून में अहमदाबाद गुजरात में होने वाली प्रथम वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में भारत वर्ष के योगासन खिलाड़ी बहुत अच्छा प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करेंगे। सम्मेलन में अभिजीत बोस एवं राकेश कुमार शास्त्री ने भी विषय पर विस्तार से चर्चा की।
भारतीय खेल प्राधिकरण, सोनीपत की स्पोर्ट्स न्यूट्रीशनिस्ट अंशुली प्रिया ने योगासन खिलाड़ियों के लिए पोषण विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि संतुलित आहार खिलाड़ियों के प्रदर्शन एवं साहस बढ़ाने के साथ-साथ चोट व थकान से बचाव में भी सहायक होता है। योगासन खिलाड़ियों के आहार में उपयुक्त ऊर्जायुक्त भोजन जिसमें पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा व विटामिन होने चाहिएं, आवश्यक है।
मंच संचालन हरियाणा योगासन खेल संघ के सचिव डॉ. युद्धवीर ने किया । सभी वक्ताओं को हरियाणा आयोग द्वारा समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रगान के साथ सम्मेलन का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
योगासन खेल के राष्ट्रीय सम्मेलन में दीप प्रज्ज्वलित करते अतिथि गण
सम्मेलन में भाग लेते प्रतिभागीगण।




