Uncategorized

पूर्व छात्र किसी भी विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी पूंजीः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

कुवि के वाणिज्य विभाग द्वारा एलुमनी मीट का हुआ आयोजन।

कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 16 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की असली पहचान उसके पूर्व छात्र होते हैं। पूर्व छात्र ही संस्थान की उपलब्धियों और परंपराओं को समाज तक पहुंचाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जब पूर्व छात्र अपने विश्वविद्यालय से जुड़े रहते हैं तो इससे संस्थान की शैक्षणिक और सामाजिक प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने यह विचार विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा 15 मार्च को डॉ. राधाकृष्णन सदन में आयोजित एलुमनी मीट 2026 के दौरान व्यक्त किए।
समारोह में विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. शशि आनंद, प्रो. नरेंद्र सिंह तथा वरिष्ठ प्रो. नीलम ढांडा विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभाग की स्थापना वर्ष 1971 से अब तक के विभिन्न बैचों के पूर्व छात्रों को आमंत्रित किया गया था। विभिन्न बैचों के पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें विशेष रूप से 1988दृ1990 बैच के पूर्व छात्रों की सर्वाधिक उपस्थिति देखने को मिली। इसके साथ ही विभाग के व्यावसायिक पाठ्यक्रम एमआईबी, एमएमटी और एमएफसी के पूर्व छात्र भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व छात्रों के पारंपरिक तिलक के साथ स्वागत से हुई। विभागाध्यक्ष प्रो. महावीर नरवाल ने सभी अतिथियों और पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए विभाग की उपलब्धियों और इतिहास पर प्रकाश डाला। इसके बाद दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि एलुमनी मीट केवल मिलन का अवसर ही नहीं होता, बल्कि यह पुराने और नए विद्यार्थियों के बीच संवाद का सेतु भी बनता है। उन्होंने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव और मार्गदर्शन के माध्यम से वर्तमान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दें।
कार्यक्रम के दौरान विभाग की पुरानी यादों को संजोए एक विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसने उपस्थित पूर्व छात्रों को भावुक कर दिया। कई पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विभाग से जुड़ी पुरानी यादों को सभी के साथ बांटा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य और गायन की प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। इसके अलावा “चिट विद टास्क” नामक रोचक गतिविधि आयोजित की गई। एक विशेष गतिविधि के तहत पूर्व छात्रों ने अपने अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर के साथ अपने बैच को स्मृति वृक्ष पर अंकित किया, जो इस मिलन समारोह की यादों का प्रतीक बना।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व छात्रों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अंत में प्रो. सुभाष चंद ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, पूर्व छात्रों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel