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कुवि में सिनेमा, संस्कृति और रचनात्मकता का महाकुंभ : प्रो. सोमनाथ सचदेवा

सह संपादक – संजीव कुमारी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय।
हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 25 -28 मार्च से।

कुरुक्षेत्र, 23 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग द्वारा संस्कृति सोसाइटी फॉर आर्ट एंड कल्चरल डेवलपमेंट, कुरुक्षेत्र के सहयोग से हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (हिफ्फ) का आयोजन किया जा रहा है। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 न केवल एक फिल्म महोत्सव है, बल्कि यह सिनेमा के माध्यम से विभिन्न देशों की संस्कृतियों, विचारों और रचनात्मक अभिव्यक्तियों को जोड़ने वाला महाकुंभ है। उन्होंने बताया कि यह फिल्म फेस्टिवल विश्वविद्यालय परिसर में 25 से 28 मार्च, 2026 तक आयोजित होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विश्व सिनेमा की विविधता देखने को मिलेगी, जिसमें 38 देशों की 26 भाषाओं में बनी लगभग 80 चर्चित और प्रशंसित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने बताया कि इस वर्ष फेस्टिवल की थीम सेलिब्रेटिंग सिनेमा, कल्चर एवं क्रिएटिविटी खी गई है, जो इसके व्यापक उद्देश्य को दर्शाती है मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक संवाद को बढ़ावा देना। इस तरह के आयोजन कर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
दुनियाभर की फिल्मों और कलाकारों की भागीदारी
फिल्म फेस्टिवल संयोजक धर्मेन्द्र डांगी ने बताया कि फिल्म महोत्सव 2026 में भारत के साथ-साथ वियतनाम, मोरक्को, कोरिया और अन्य देशों की फीचर फिल्में, शॉर्ट फिल्म्स और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित होंगी। यह विविधता दर्शकों को वैश्विक सिनेमा की झलक एक ही मंच पर प्रदान करेगी। फेस्टिवल में कई प्रसिद्ध कलाकार और फिल्म हस्तियां भी शामिल होंगी, जिनमें पद्मश्री गायक अनूप जलोटा, फिल्म निर्देशक उमेश शुक्ला,, अभिनेता अवतार गिल, मुकेश तिवारी, और अमिता नांगिया प्रमुख हैं। इनकी उपस्थिति फेस्टिवल को ग्लैमर और अनुभव दोनों प्रदान करेगी।
पहला दिनः भव्य उद्घाटन और सांस्कृतिक शुरुआत
उन्होंने बताया कि फेस्टिवल का पहला दिन पूरी तरह से भव्यता और उत्साह से भरपूर रहेगा। सुबह 11 बजे उद्घाटन समारोह और अवार्ड वितरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
इसके बाद इंडो-वियतनामी फीचर फिल्म प्रेम की सुरधारा का प्रदर्शन किया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक है। दोपहर में विभिन्न विषयों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन होगा, जो सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण और मानव जीवन की कहानियों को सामने लाएंगी। शाम को हरियाणवी फिल्म बैंगन और एक मोरक्कन अंतरराष्ट्रीय फिल्म दर्शकों को क्षेत्रीय और वैश्विक सिनेमा का अनुभव कराएंगी। दिन का समापन हिंदी फिल्म ओह माय गॉड के साथ होगा, जो दर्शकों को मनोरंजन के साथ संदेश भी देगी।
दूसरा दिनः नई प्रतिभाओं और डिजिटल युग का उत्सव
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि दूसरे दिन का फोकस युवा फिल्मकारों और नई तकनीकों पर रहेगा। दिन की शुरुआत शॉर्ट फिल्मों से होगी, जिनमें उभरते फिल्मकारों की रचनात्मकता देखने को मिलेगी।
इस दिन पंजाबी फिल्म पंछी, मराठी फिल्म और कोरियन फिल्म वाटर लिलिस प्रदर्शित की जाएंगी।
हरियाणवी कंटेंट को विशेष स्थान देते हुए वेब सीरीज विदेशी बहू और रलदू रॉबिनहुड का प्रदर्शन होगा।
इसके साथ ही मोबाइल फिल्म्स, रील्स और डिजिटल मीडिया कंटेंट को भी मंच दिया जाएगा, जो आधुनिक फिल्म निर्माण के बदलते स्वरूप को दर्शाता है।
तीसरा दिनः संवाद, विचार और सिनेमा का संगम।
प्रो. पूनिया ने बताया कि तीसरे दिन फिल्म प्रदर्शन के साथ-साथ बौद्धिक चर्चा और संवाद पर जोर रहेगा। इस दिन मोरक्कन फिल्म द ब्लू लेक, गुजराती फिल्म छतर और ओडिया फिल्म प्रदर्शित की जाएंगी।
हरियाणवी सिनेमा की झलक बहू काले की वेब सीरीज और रंगीली फिल्म में देखने को मिलेगी। विशेष आकर्षण के रूप में परिचर्चा आयोजित होगी, जिसमें अवतार गिल सहित अन्य कलाकार दर्शकों से सीधे संवाद करेंगे। यह सत्र फिल्म निर्माण, अभिनय और इंडस्ट्री के अनुभवों को समझने का बेहतरीन अवसर होगा।
चौथा दिनः समापन और सम्मान का भव्य आयोजन।
फेस्टिवल के अंतिम दिन शॉर्ट फिल्मों की विस्तृत श्रृंखला और हरियाणवी फीचर फिल्म चिड़िया का प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर चर्चा आयोजित होगी, जो डिजिटल युग में फिल्म इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत करेगी।
शाम को भव्य अवार्ड सेरेमनी में सर्वश्रेष्ठ फिल्मों, निर्देशकों और कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। इसी के साथ फिल्म फेस्टिवल 2026 का समापन होगा।
मास्टर क्लास सीखने का सुनहरा अवसर
फेस्टिवल के दौरान उमेश शुक्ला द्वारा निर्देशन पर मास्टर क्लास और स्टोरीटेलिंग पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। ये सत्र विशेष रूप से युवाओं, फिल्म छात्रों और उभरते कलाकारों के लिए लाभदायक होंगे, जहां उन्हें इंडस्ट्री के अनुभव और तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा।
प्रो. विवेक चावला व धमेन्द्र डांगी ने बताया कि हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 केवल फिल्मों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जो कला, संस्कृति और विचारों को एक साथ लाता है।
चार दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव दर्शकों को न केवल मनोरंजन देगा, बल्कि उन्हें नई सोच, नए दृष्टिकोण और रचनात्मक प्रेरणा भी प्रदान करेगा।

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