फुलब्राइट फेलोशिप से होता है शोधार्थियों का वैश्विक विकासः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

फैकल्टी लाज में फुलब्राइट फेलोशिप पर व्याख्यान।
थानेसर, प्रमोद कौशिक/ संजीव कुमारी 24 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में फैकल्टी लॉज में यूनाइटेड स्टेट-इंडिया एजुकेशन फाउंडेशन (यूएसआईईएफ) के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को फुलब्राइट-नेहरू छात्रवृत्तियों तथा अमेरिका में उच्च शिक्षा और शोध से जुड़े अवसरों की जानकारी प्रदान करना था। इससे पहले अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने अपने संदेश में कहा कि फुलब्राइट जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर पर ज्ञान, अनुभव और शोध के नए आयामों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिल सकें।
डीन रिसर्च एवं डेवलेपमेंट प्रो. संजीव अग्रवाल ने अतिथियों का परिचय करवाते हुए कहा कि फुलब्राइट जैसी प्रतिष्ठित छात्रवृत्तियां शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्य को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं।
कार्यक्रम में यूएसआईईएफ की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रतिभा नायर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप, विभिन्न शोधवृत्तियों और अमेरिका के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अध्ययन एवं शोध के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूएस-इंडिया एजुकेशन फाउंडेशन भारत और अमेरिका के बीच शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण विनिमय कार्यक्रम संचालित करता है, जिनके माध्यम से विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने ज्ञान और अनुभव को समृद्ध कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रमुख फेलोशिप में डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप, पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप तथा अकादमिक एवं प्रोफेशनल एक्सीलेंस फेलोशिप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ह्यूबर्ट एच. हम्फ्री फेलोशिप, फुलब्राइट फॉरेन लैंग्वेज टीचिंग असिस्टेंट प्रोग्राम और टीचिंग एक्सीलेंस एंड अचीवमेंट प्रोग्राम जैसे अन्य अवसर भी उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभा नायर ने बताया कि इन फेलोशिप के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा साइंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, बायोइंजीनियरिंग, अंतरिक्ष विज्ञान, ऊर्जा इंजीनियरिंग तथा मटेरियल साइंस जैसे कई उभरते क्षेत्रों में अध्ययन और शोध के अवसर उपलब्ध हैं।
प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर मैडम विजी नैनन ने फुलब्राइट फेलोशिप के लिए आवश्यक पात्रता शर्तों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फुलब्राइट कार्यक्रम योग्य और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन और शोध करने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है तथा इसके लिए समय पर तैयारी और सटीक मार्गदर्शन बेहद आवश्यक है।
इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. ब्रजेश साहनी ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम शोधार्थियों और विद्यार्थियों को वैश्विक शैक्षणिक अवसरों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं और इससे उन्हें अपने करियर को नई दिशा देने में मदद मिलती है।
प्रो. सुनील ढींगरा ने विद्यार्थियों को इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने व जागरूक रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव उनके शैक्षणिक और पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड तथा चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सुमन मेहंदिया ने किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. ब्रजेश साहनी, डीन रिसर्च एंड डेवलेपमेंट प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. सुनील ढींगरा, प्रो. ओमवीर सिंह, कुटा प्रधान डॉ. जितेन्द्र खटकड़, प्रो. जीपी दुबे, प्रो राजेश खरब, प्रो. मुकेश कुमार, लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, प्रो. अनु शर्मा, डॉ. संगीता सैनी, डॉ. राजकमल, डॉ. आर. बी. एस. यादव, डॉ. सुरेश, डॉ. परवीन जांगड़ा, डॉ. दीप्ति, डॉ. रीता दहिया तथा डॉ. नरेश भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्टेम विषयों से जुड़े 50 से अधिक शोधार्थियों, पोस्ट- डॉक्टोरल शोधकर्ताओं तथा लगभग 60 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और शोधार्थी उपस्थित रहे।




