Uncategorized

विधानसभा के बजट सत्र में उठाए थानेसर व प्रदेश के विभिन्न मुद्दे : अशोक अरोड़ा

कहा, कुरुक्षेत्र-कैथल व कुरुक्षेत्र-यमुनानगर फोरलेन को मिली है मंजूरी।

थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 24 मार्च : हरियाणा के पूर्व मंत्री व थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा है कि हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में उन्होने थानेसर व प्रदेश स्तर के आमजन के विभिन्न मुद्दों को विधानसभा के पटल पर रखा। इतना ही नही उनके द्वारा कई बार रखी गई कुरुक्षेत्र-कैथल वाया ढांड फोर लेन व कुरुक्षेत्र यमुनानगर फोर लेन बनाने की मांग को पूरा किया गया है। अब यह सुविधा जल्द लोगों को मिलेगी। अशोक अरोड़ा मंगलवार को केडीबी रोड स्थित अपने प्रतिष्ठान पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस मौके पर उनके साथ पार्षद मनू जैन, पार्षद राजेंद्र सैनी, पार्षद परमवीर सिंह प्रिंस, विवेक भारद्वाज डब्बू, सुनील राणा, जिला महासचिव कांग्रेस टेकचंद बारना, युवा जिलाध्यक्ष कुलदीप ढिल्लों, पूर्व पार्षद ओमप्रकाश ओपी, बबलू गर्ग, मुकेश वाल्मीकि, विशाल मौदगिल, प्रदीप भारद्वाज व अन्य मौजूद थे।
अशोक अरोड़ा ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र बाईपास की उनकी मांग को भी सरकार ने स्वीकार किया है। बाईपास के तीन विकल्प रखे गए हैं। उनमें से किसी एक को अमलीजामा पहनाया जाएगा। अरोड़ा ने कहा कि उन्होने विधानसभा में किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों समेत हर वर्ग के मुद्दों को उठाया। किसानों के धान घोटाला को उन्होने विस पटल पर रखा। उसके द्वारा रखे गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर धान घोटाले पर चर्चा भी की गई व धान घोटाले में किसानों के नुकसान की भरपाई की बात भी सरकार ने कही है। इसके साथ साथ उन्होने बात रखी कि हाइब्रिड बीज आने के बाद सेलर मालिकों के चावल पूरे नही हो पाते, ऐसे में वे सस्ते में धान खरीदते हैं। उन्होने सुझाव दिया है कि सेलर मालिकों से 67 की बजाय 65 किलोग्राम प्रति क्विंटल चावल लिए जाएं ताकि किसान की धान सस्ते में न बिके और व्यापारियों को भी नुकसान न हो। फसलों में नमी की मात्रा भी बनी रहती है क्योंकि कंबाईन से कटाई होने के चलते फसल में नमी बनी रहती है, ऐसे में किसानों को नमी में भी राहत दी जाए।
अस्पतालों का आयुष्मान का 600 करोड़ बकाया।
अशोक अरोड़ा ने विस में स्वास्थ्य के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होने कहा कि आयुष्मान कार्ड के तहत कई ऑपरेशन बंद कर दिए हैं, इसलिए उन्हे दोबारा से लिस्ट में जोड़ा जाए, ताकि आमजन आयुष्मान कार्ड का फायदा ले सके। इसके साथ साथ उन्होने मांग भी रखी कि हरियाणा के प्राईवेट अस्पतालों के आयुष्मान के 600 करोड़ रूपए बकाया पडे हैं, इसलिए जल्द वह राशि जारी की जाए, ताकि अस्पतालों में सुचारू ढंग से आयुष्मान की सुविधा मिल सके।
कुरुक्षेत्र की पेयजल समस्या को लेकर दिए सुझाव।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि उन्होने विधानसभा में कुरुक्षेत्र की पेयजल समस्या को उठाया। क्योंकि कुरुक्षेत्र के कई वार्र्डों के पानी के सेंपल फेल हो चुके है और विधानसभा में जनस्वास्थ्य मंत्री पानी के सेंपल फेल होने की बात को स्वीकार किया है। उन्होने कहा कि कुरुक्षेत्र की पेयजल सप्लाई को नहरी पानी से जोड़ा जाए। इसके अलावा अमीन रोड को चौड़ा करने व खेडऱी रामनगर गांव का बाईपास बनाने की मांग विधानसभा में उठाया। पिपली बस स्टेंड बनाने को लेकर सरकार कई वर्षों से कह रही है। पिपली बस स्टेंड सही न होने के चलते बस चौक पर रूकती हे। जिससे चौक पर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होने इसको लेकर भी प्रश्न किया कि पिपली बस स्टैंड को लेकर 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की थी, कि इसे दिल्ली की तर्ज पर पिपली का बस अड्डा बनाया जाएगा। इस पर सरकार ने जवाब दिया है कि ढाई साल में इस कार्य को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा उन्होने विस में रोजगार मुहैया करवाने को लेकर भी आवाज को बुलंद किया है ताकि युवा वर्ग जान जाखिम में डालकर डंकी रूट का सहारा लिए बिना हरियाणा प्रदेश में रोजागार स्थापित कर सकें। स्कूलों में शिक्षकों की कमी, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी समेत कई मुद्दों को उठाया।
सरकार की छत्रछाया में पनप रही अवैध कॉलोनियां।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार की छत्रछाया में कुरुक्षेत्र में अनेकों अवैध कॉलोनियां पनप रही हैं। आए दिन डीटीपी का ब्यान तो आता है कि फलां जगह कॉलोनी का ध्वस्त किया लेकिन केवल ऑपचारिकता पूरी कर दी जाती है और कोई ठोस कार्रवाई नही की जाती। सरकार को चाहिए कि अवैध कॉलोनियों पर सख्ती से रोक लगाए ताकि आमजन ठगी का शिकार न हो सके व जो लोग अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होने सरकार द्वारा हुड्डा के सेक्टर काटे जाने का स्वागत किया लेकिन साथ ही कहा कि सेक्टरों के लिए जमीन मार्किट रेट से ली जाए और उसे बिना किसी लाभ हानि के हर वर्ग को प्लॉट दिएं जाएं। जिसमें एससी, बीसी व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग का कोटा भी होना चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि आज जमीनों के रेट आसमान को छू रहे हैं। सेक्टर काटने के लिए कोई भी किसान पोर्टल पर जमीन नही देगा। इसलिए मार्किट रेट पर ही जमीन लेनी चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel