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“हेरिटेज से हाई परफॉर्मेंस तक” खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी प्रतिभाओं को 

मिल रहा राष्ट्रीय मंच-केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे

जगदलपुर, 01 अप्रैल 2026/ केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने मंगलवार की शाम धरमपुरा क्रीडा परिसर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में आयोजित प्रतियोगिता स्थल का दौरा किया। उन्होंने इस आयोजन को आदिवासी सशक्तिकरण, जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

      खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस प्रथम संस्करण में लगभग 3,800 प्रतिभागी जिसमें खिलाड़ी, कोच और अधिकारी शामिल हैं भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में 9 खेल विधाएं शामिल हैं, जिनमें 7 पदक खेल और 2 प्रदर्शन खेल हैं, जबकि कुल 106 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबले हो रहे हैं। प्रतियोगिता का शुभंकर ‘मोरवीर’ आदिवासी समाज के साहस, गर्व और वीरता का प्रतीक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य  मंत्री खडसे ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय एकता का सशक्त साधन है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स एक सामाजिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य देश की खेल विरासत को पुनर्जीवित करना, आदिवासी युवाओं को अवसर देना और हर गांव से चैंपियन तैयार करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वर्ष 2036 ओलंपिक तक शीर्ष-10 खेल राष्ट्र बनने और ‘विकसित भारत 2047’ तक शीर्ष-5 में शामिल होने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इस दिशा में खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसी पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    केंद्रीय राज्य मंत्री खडसे ने बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में पहले से ही खेलों की मजबूत परंपरा मौजूद है, जिसे यह प्रतियोगिता एक संगठित मंच प्रदान कर रही है। महिलाओं की भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने ‘अस्मिता लीग’ की सफलता का उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत 124 लोगों में लगभग 14,000 बालिकाओं ने फुटबॉल और हॉकी जैसे खेलों में हिस्सा लिया है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की भागीदारी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कोच सभी प्रतियोगिता स्थलों पर तैनात हैं, जो उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सीधे खेलो इंडिया कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, जिससे जमीनी स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग आसान होगा।

     भारत की प्राचीन खेल परंपरा का उल्लेख करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय सदियों से तीरंदाजी जैसे पारंपरिक खेलों में अग्रणी रहा है और यह आयोजन उनकी इस समृद्ध विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने का माध्यम भी है। जगदलपुर प्रवास के दौरान उनके साथ महापौर श्री संजय पांडेय, डीडीजी खेलो इंडिया श्री मयंक श्रीवास्तव, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों से संवाद कर प्रतिभा पहचान की प्रक्रिया की समीक्षा की। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रतिस्पर्धा का अवलोकन करते हुए, विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण भी किया। वहीं उन्होंने धरमपुरा क्रीडा परिसर में खिलाड़ियों के लिए आवास और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। साथ ही इस दौरान जिला प्रशासन के द्वारा लगाई गई महिला समूह के उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया ।

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